MUZAFFARNAGAR-भाकियू नेता के गांव में संदिग्ध ड्रोन से दहशत

मुजफ्फरनगर। तकनीक के इस युग में ‘ड्रोन’ पुलिस प्रशासन के लिए आम आदमी के बीच सुरक्षा का भाव कायम रखने के लिए एक नई चुनौती बन गया है। जहां ड्रोन तकनीक ने खेती, फोटोग्राफी और आपदा प्रबंधन में क्रांति लाई है, वहीं इसके दुरुपयोग की संभावनाएं भी तेजी से उभरी हैं। मुज़फ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहस्यमयी ड्रोन समाने आने की घटनाएं कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनकर उभरी हैं। लगातार कई दिनों से जनपद के ग्रामीण अंचलों में रात को उड़ते रहस्मयी ड्रोन दहशत और चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब भाकियू नेता के गांव में एक ही रात में तीन रहस्मयी ड्रोन की आमद ने कई सवाल खड़े किये हैं। ग्रामीण रात को जागकर निगरानी कर रहे हैं तो पुलिस अफसर भी इन घटनाओं से हैरान हैं।

मुज़फ्फरनगर जिले के थाना चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में शनिवार की रात अचानक आसमान में तीन ड्रोन दिखाई दिए, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पहले इसे साधारण घटना समझा, लेकिन जब ड्रोन देर तक आसमान में मंडराते रहे और उनकी गतिविधि संदेहास्पद लगी, तो स्थिति गंभीर मानी जाने लगी। ग्रामीणों में दहशत बनी तो भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य पति विकास शर्मा भी ग्रामीणों के साथ ड्रोन की निगरानी में जुट गये। उन्होंने रात्रि में ही यह सूचना अफसरों के साथ ही स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र में गश्त शुरू कर दी।

भाकियू नेता विकास शर्मा का कहना है कि जनपद में ड्रोन की दहशत से एक आफत सी आ गई है। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में यह रहस्मयी ड्रोन रात को दिखाई दे रहे हैं। शनिवार की रात को भी रोनी हरजीपुर में हमारे ही मौहल्ले में लोगों ने तीन ड्रोन उड़ते हुए देखे। इनमें से एक ड्रोन गांव के जंगल के इलाके में बने घरों के ऊपर उड़ाया जा रहा था। बाद में वो ड्रोन पिपलशाह गांव की ओर चला गया। कहा कि जब भी इन ड्रोन की ओर टॉर्च से रोशनी डाली जाती है तो ये तेजी से दूर चले जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जागरुक करते हुए सतत निगरानी के लिए सतर्क करते हुए पुलिस प्रशासन से भी इस रहस्य को सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समय अफवाहों में उलझने का नहीं, बल्कि सतर्कता और एकता से स्थिति को समझने का है। जो भी व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि देखे, वह पुलिस को तुरंत सूचित करे।

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बता दें कि इन रहस्मयी ड्रोन के कारण जनपद के कई गांव में डर का माहौल तो बना ही, लेकिन इसके साथ ग्रामीणों की सजगता भी सामने आई। लोगों ने अपने स्तर पर रात में पहरेदारी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह रहस्य उजागर नहीं होता, तब तक वे रात में भी चैन की नींद नहीं ले सकते। कई लोग इसे किसी आपराधिक गिरोह या चोरी की तैयारी से जोड़ रहे हैं, वहीं कुछ इसे जासूसी या बाहरी ताक़तों की हलचल मान रहे हैं।

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यह मामला अकेले चरथावल तक सीमित नहीं है। बीते एक पखवाड़े से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर और मेरठ के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटना सामने आई। मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना, जानसठ, मीरापुर और खतौली क्षेत्रों से भी इसी प्रकार की खबरें आ रही हैं। एक दिन पहले बुढ़ाना के सफीपुर पट्टी गांव में ड्रोन देखे गए थे और बुढाना कोतवाली क्षेत्र के ही मिंडकाली गांव में भी शनिवार की रात के समय ड्रोन की आवाजें सुनाई दीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीमों का गठन किया है। इन टीमों को ड्रोन गतिविधियों की तकनीकी और साइबर जांच का कार्य सौंपा गया है। पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनपद में कुछ शरारती तत्व ड्रोन कैमरे उड़ाकर दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। जनता को डरने की ज़रूरत नहीं है। सभी संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और जल्द ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ शब्दों में जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह में न आएं। यह संभव है कि यह किसी शरारती तत्व द्वारा सुनियोजित दहशत फैलाने की साजिश हो, परंतु जांच पूरी होने तक संयम जरूरी है।

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