महिला आस्ट्रेलिया में थी, बैंक खाते से उड़ा लिए आठ लाख रुपये

मुजफ्फरनगर। एक महिला अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया में थी और इसी बीच उसके बैंक खाते से आठ लाख रुपये की रकम साफ कर दी गई। इसकी जानकारी मिलने पर महिला ने बैंक में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई तो आश्वासन के बावजूद भी उसकी रकम वापस नहीं हुई, इसको लेकर अब इस ठगी के करीब साढ़े सात साल बाद पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने कोई कमद नहीं उठाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस ने बैंक मैनेजर और एक आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की है।

ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-2 के 16 एवेन्यू निवासी नीलम कुमारी पत्नी प्रशांत कुमार के अनुसार उनका एक संयुक्त बचत खाता रुड़की रोड स्थित पंजाब एण्ड सिंध बैंक शाखा में चल रहा है। वो 04 नवम्बर 2017 से 10 अक्टूबर 2018 तक ऑस्ट्रेलिया में रही। इसी बीच 17 फरवरी 2018 को उनके पंजाब एण्ड सिंध बैंक शाखा के बचत खाते से आठ लाख रुपये धोखाधड़ी करते हुए दूसरी महिला के बचत खाते में ट्रांसफर कराये गये। नीलम ने इस सम्बंध में जानकारी होने के बाद यहां आकर बैंक शाखा के मैनेजर को अपनी शिकायत की और कार्यवाही करने की मांग की, लेकिन रकम वापस कराने का भरोसा देने के बावजूद भी बैंक मैनेजर ने कोई कार्यवाही नहीं की। थाने में पुलिस से शिकायत की, इसके बाद डीएम और एसएसपी को भी शिकायत की, सीएम यूपी और डीजीपी यूपी को भी शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई, लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं होने पर नीलम ने 22 नवम्बर 2022 को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी पीड़ा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की।

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नीलम के प्रकरण में कोर्ट ने एसएसपी को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये तो एसएसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन आरोपी बैंक मैनेजर और एक अन्य महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। नीलम ने बताया कि उसके खाते से आठ लाख रुपये बैंक के इंटरनल वाउचर के जरिये उसके फर्जी हस्ताक्षर कराकर शहर के मौहल्ला मल्हूपुरा कच्ची सड़क निवासी महिला रेखा पत्नी किशनलाल के बचत खाते में ट्रांसफर कराये गये। वो ऑस्ट्रेलिया में थी और बैंक आई ही नहीं तो इसमें पूरी तरह से बैंक के तत्कालीन मैनेजर की मिलीभगत रही। 16 नवम्बर 2022 को प्रातः भी वो अपनी रकम के सम्बंध में बैंक शाखा पहुंची तो ब्रांच मैनेजर ने पैसे लौटाने से साफ इंकर कर दिया था। 

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