बादल तोमर 31 मार्च को घर से निकले और तब से वापस नहीं लौटे। तीन दिन बीतने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिससे खतौली में परिवार की चिंता बढ़ गई है और पुलिस की तलाश तेज हो गई है।
मामला मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे के मोहल्ला पक्का बाग (रामनगर) का है। लापता युवक की पहचान बादल तोमर उर्फ सोंटू (37) के रूप में हुई है। वह राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तोमर के भतीजे और पालिका सभासद विशाल तोमर के छोटे भाई बताए गए हैं।
परिवार के अनुसार, बादल तोमर 31 मार्च को घर से निकले थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने अपने स्तर पर खोज शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। अब सवाल यह है कि वह घर से निकलने के बाद किस दिशा में गए।
बादल तोमर लापता: मोबाइल न होने से जांच और मुश्किल
इस मामले में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि बादल तोमर मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। यही वजह है कि पुलिस के पास उनकी लोकेशन तक पहुँचने का सामान्य डिजिटल रास्ता नहीं है।
विशाल तोमर ने खतौली थाना पुलिस को गुमशुदगी की तहरीर दी है। तहरीर के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। परिवार का कहना है कि बादल अविवाहित हैं और बिना बताए इस तरह घर से चले जाना सामान्य बात नहीं थी। इसी वजह से चिंता और बढ़ी हुई है।
डिजिटल फुटप्रिंट न होने का सीधा असर जांच की रफ्तार पर पड़ रहा है। आमतौर पर मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल या ऑनलाइन गतिविधि से शुरुआती दिशा मिल जाती है, लेकिन इस मामले में पुलिस को पूरी तरह मैदानी पड़ताल और कैमरों की फुटेज पर निर्भर रहना पड़ रहा है।






