नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5(A) विस्तार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर कुल ₹12,015 करोड़ की लागत आएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी साझा की।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस चरण के निर्माण में भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियां मिलकर खर्च वहन करेंगी। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से राजधानी में आवागमन और अधिक सुगम होगा, साथ ही प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी कम होगी।
सेंट्रल विस्टा को मिलेगी डायरेक्ट मेट्रो कनेक्टिविटी
फेज-5(A) के तहत प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से सभी कर्तव्य भवनों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों को सीधे भवनों के प्रवेश द्वार तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। अनुमान है कि इस कनेक्टिविटी से रोजाना करीब 60 हजार कर्मचारी और लगभग 2 लाख विजिटर लाभान्वित होंगे।
3 साल में पूरा होगा फेज-5(A), तीन नए कॉरिडोर शामिल
मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5(A) के अंतर्गत तीन नए मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वीकृत कॉरिडोर इस प्रकार हैं—
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आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी)
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एयरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.263 किमी)
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तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी)
इन तीनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 16.076 किलोमीटर होगी, जिससे दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा।
फंडिंग पैटर्न और भविष्य की योजनाएं
परियोजना की कुल लागत में से ₹1,759 करोड़ भारत सरकार और ₹1,759 करोड़ दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाएंगे, जबकि शेष ₹5,278 करोड़ की राशि लोन के माध्यम से जुटाई जाएगी।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि फरीदाबाद से गुरुग्राम मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर एक अलग अध्ययन किया जा रहा है, जिससे एनसीआर क्षेत्र में परिवहन नेटवर्क को और विस्तार मिल सके।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक और युगे युगीन भारत संग्रहालय को मिलेगा मेट्रो लिंक
आर.के. आश्रम से इंद्रप्रस्थ को जोड़ने वाली नई लाइन पर नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन भवनों को भविष्य में ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ-साथ इसी लाइन से कर्तव्य भवनों को भी कनेक्ट किया जाएगा।






