ग्रेटर नोएडा। अखलाक मॉब लिंचिंग मामले में केस वापस लेने को लेकर दाखिल याचिका पर मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) में सुनवाई हुई। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से दाखिल केस वापसी की अर्जी को महत्वहीन और आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में नियमित रूप से आगे की कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए यह भी कहा कि आगे सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाएगी।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिए कि वह मामले में शेष गवाहों के बयान शीघ्र दर्ज कराए। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त और डीसीपी ग्रेटर नोएडा को आदेश दिया गया कि यदि गवाहों को सुरक्षा की आवश्यकता हो तो उन्हें उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
अखलाक परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता युसूफ सैफी और अंदलीब नकवी ने बताया कि अदालत ने अभियोजन की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है और मामले में सुनवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इसी वर्ष अक्टूबर में राज्य सरकार की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया था कि केस वापस लेने से सामाजिक सौहार्द स्थापित होगा, हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।






