डीएम दरबार आए पिता से छूटा बेटी का हाथ, अफसरों ने मिलवाया

मुजफ्फरनगर। एक गांव में अपने खेत की नाली बंद हो जाने से परेशान एक लघु किसान अपनी मां और मासूम बेटी को लेकर डीएम दरबार में पहुंचा और डीएम से शिकायत करने के लिए उसने अपनी बेटी को गोद से नीचे उतार दिया। इसी बीच पिता से हाथ झटका तो बेटी अचानक ही लापता हो गई। इससे घबराये पिता ने भागदौड़ की और अफसरों को पीड़ा बताई तो पूरा प्रशासन लापता बेटी को पिता से मिलवाने में जुट गया और यह प्रयास सार्थक रहा। शहर के बाजार से लड़की को पुलिस ने बरामद किया। इससे खुश पिता ने अफसरों की सराहना की और आभार जताया।

गांव नसीरपुर निवासी विक्रम सिंह पुत्र सत्यवीर सिंह गुरूवार को अपनी मां और छह साल की बेटी शिवांशी के साथ कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचा था। विक्रम ने बताया कि उसकी गांव में 14 बीघा भूमि है, चकबंदी विभाग ने इस भूमि को दो चकों में बांट दिया है। बीच में सड़क बन गई है। इसी सड़क के नीचे नाली के लिए पाइप दबा हुआ था और नाली चकबंदी में भी छोड़ी गई थी ताकि दोनों चकों को पानी पहुंचता रहे। सड़क के दूसरी ओर वाला चक उसके चचेरे भाई दिव्यांग शक्ति सिंह का है। विक्रम का कहना है कि शक्ति सिंह ने जनवरी में नाली बंद कर दी और उसके चक को पानी मिलना भी बंद हो गया। इसकी शिकायत करने पर पता चला कि चकबंदी में अफसरों ने मौके पर तो नाली छोड़ी थी, उसको कागजों में इंद्राज नहीं किया। उसने इसके लिए सीओ चकबंदी कार्यालय में मुकदमा भी दायर कर दिया। इसमें कोई राहत नहीं मिलने के कारण वो आज अपनी मां और बेटी के साथ कचहरी में डीएम से शिकायत करने आया था।

इसी बीच जब वो डीएम कार्यालय गया तो उसकी बेटी से हाथ छूट गया और वो अचानक ही लापता हो गई। उसकी मां को आंखों से सही नहीं दिखाई देता, इसलिए वो भी बेटी के निकलने को भांप नहीं सकी। उसकी बेटी दिमागी तौर पर कुछ कमजोर भी है। बेटी को यहां वहां तलाशने के बाद विक्रम सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को पीड़ा बताई तो वो मदद को आगे आये और उनके साथ ही एडीएम वित्त गजेन्द्र कुमार ने भी कचहरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, तो बच्ची का पता लगने लगा। कुछ ही देर में पुलिस कर्मियों ने बच्ची को फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास से बरामद कर पिता को सौंप दिया। विक्रम ने अफसरों का आभार व्यक्त किया।

विक्रम ने बताया कि उसके लिए उसकी बेटी शिवांशी ही उसकी पूरी दुनिया है। शिवांशी की मां उसकी पैदाइश के दौरान ही दुनिया को अलविदा कह गई थी। शिवांशी का जन्म ऑपरेशन से हुआ और बेटी के पैदा होने के बाद उसकी मां का अचानक तबियत बिगड़ने पर निधन हो गया। वो, बेटी और मां के साथ रहकर खेतीबाड़ी से परिवार चला रहा है। आज बेटी के लापता होने पर वो काफी परेशान था, लेकिन अफसरों की मदद ने उसको बेटी से मिला दिया। 

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