कहा-जलनिकासी की स्थायी योजना के बिना सड़क निर्माण नहीं, समन्वय से शीघ्र शुरू हो कार्य
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के परिक्रमा मार्ग की बदहाल स्थिति और लंबे समय से लंबित निर्माण कार्य को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारी सहित अन्य विभागीय अफसरों को डाक बंगले पर तलब करते हुए कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या विभागीय असमंजस को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर उत्पन्न दुविधा और आपसी समन्वय की कमी पर नाराजगी जताते हुए नगर विधायक एवं मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा सहित मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए), जल निगम नगरीय इकाई एवं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को तलब करते हुए लगातार निर्देशों के बाद भी सड़क निर्माण के लिए कार्य में तेजी नहीं लाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मेरठ रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में सर्कुलर रोड से श्रीराम कॉलेज मार्ग होते हुए अलमासपुर चौक तक जाने वाले परिक्रमा मार्ग के निर्माण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण से पहले जल निकासी की स्थायी, तकनीकी रूप से मजबूत और दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में जलभराव की समस्या के चलते आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है, इसलिए भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री कपिल देव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बिना किसी देरी के निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य की गुणवत्ता उच्चतम स्तर की हो और निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह, जल निगम के एक्सईएन अबू जैद, नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित सहायक एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।

मीडिया कर्मियों से बातचीत में कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा सड़क निर्माण एवं जल निकासी से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल निगम से संबंधित डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तकनीकी स्तर पर प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी विभाग तकनीकी औपचारिकताओं को समयबद्ध रूप से पूरा करेंगे, जिससे कार्य धरातल पर जल्द दिखाई दे। रेलवे फाटक के कारण उत्पन्न यातायात जाम और जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद स्थापित किया गया है। अंडरपास निर्माण अथवा किसी अन्य व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान पर सकारात्मक रुख अपनाने का अनुरोध किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल एक मार्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिक्रमा मार्ग के निर्माण के बाद क्षेत्रवासियों को सुगम आवागमन और जलभराव से स्थायी राहत मिलेगी।






