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उद्यान विभाग प्रकरण-डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट

नगरपालिका परिषद् द्वारा अवैध निर्माण बताकर तोेड़ी गई थी दीवार, ईओ सहित 60 अज्ञात के खिलाफ दर्ज है एफआईआर। रिपोर्ट में ईओ और चेयरपर्सन की खींचतान का भी किया गया जिक्र, कार्यवाही की संस्तुति।

उद्यान विभाग प्रकरण-डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की बोर्ड बैठक के बाद अचानक ही पालिका प्रशासन द्वारा कंपनी बाग में अवैध निर्माण बताकर तोड़ी गई उद्यान विभाग की दीवार के प्रकरण में नया ट्विस्ट आ गया है। इस मामले में जांच के बाद जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट में पालिका के ईओ और चेयरपर्सन के बीच चल रही खींचतान को भी उल्लेखित किया गया है, वहीं कार्यवाही की संस्तुति भी शासन से की गयी है। इस प्रकरण में पालिका के ईओ और 60 अज्ञात के खिलाफ उद्यान अधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब जिला प्रशासन को शासन के आदेश का इंतजार है। इसके बाद अगली कार्यवाही होगी। अभी तोड़ी गई दीवार भी मौके पर जस की तस ही पड़ी है।

बता दें कि नगरपालिका परिषद् की 07 अक्टूबर को आयोजित बोर्ड बैठक में सभासद राजीव शर्मा, प्रवीण पीटर व अन्य ने मेरठ रोड स्थित पालिका के स्वामित्व वाले कमला नेहरू वाटिका ;कंपनी बागद्ध में उद्यान विभाग द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा कर दीवार करने के आरोप लगाये थे। इस मामले में बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इस अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कराने की सहमति बनी। बोर्ड मीटिंग समाप्त होने के बाद पालिका के ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी पालिका की टीम लेकर कुछ सभासदों के साथ कंपनी बाग पहुंचे और उद्यान विभाग की दीवार को ध्वस्त करा दिया था। उद्यान विभाग के कर्मियों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन पूरी दीवार को तोड़ दिया गया। इस मामले में उद्यान अधिकारी ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए बिना नोटिस दिये दीवार तोड़ने के आरोप लगाये। अगले दिन उद्यान अधिकारी की तहरीर पर पालिका ईओ और 60 अज्ञात के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद डीएम के आदेश पर प्रभारी अधिकारी निकाय अजय कुमार अम्बष्ट ने जांच प्रारम्भ कर दी थी। बता दें कि कंपनी बाग के हिस्से से करीब 11 बीघा भूमि साल 1992 में उद्यान विभाग को कार्यालय और नर्सरी बनाने के लिए दी गयी थी। सभासदों ने इससे ज्यादा भूमि कब्जाने के आरोप लगाकर दीवार को बिस्मार कराया था। इसके लिए एफआईआर दर्ज होने के बाद पालिका के ईओ ने भूमि की पैमाइश कराई। सूत्रों के अनुसार उद्यान विभाग के कब्जे में मौके पर आवंटित भूमि से कम भूमि सामने आने पर सभी भौचक्क रहे गये थे। इस मामले में निकाय प्रभारी ने भी अपनी जांच आख्या डीएम को उपलब्ध करा दी थी।

सूत्रों के अनुसार डीएम की ओर से इस प्रकरण में अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी गयी है। इस रिपोर्ट में नगरपालिका परिषद् में ईओ और चेयरपर्सन के बीच चली आ रही खींचतान का भी जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि रिपोर्ट में कार्यवाही की भी संस्तुति की गयी है। प्रभारी अधिकारी निकाय अजय अम्बष्ट ने बताया कि डीएम के स्तर से शासन को रिपोर्ट भेजी गयी है। इस प्रकरण में शासन के आदेश का इंतजार है। सूत्रों का कहना है कि यदि रिपोर्ट के आधार पर शासन से कार्यवाही की जाती है तो ईओ और चेयरपर्सन के लिए काफी मुश्किल पैदा हो सकती है। हालांकि चेयरपर्सन पिछले दिनों ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हैं।

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