Unnao rape case Kuldeep Sengar देश के सबसे संवेदनशील आपराधिक मामलों में से एक रहा है। वर्ष 2017 में सामने आए इस मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके निर्देश पर इसे उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया गया।
कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में निचली अदालत द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद सेंगर ने अपनी सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
Unnao rape case Kuldeep Sengar पर CBI का क्या कहना है?
CBI ने अदालत में दलील दी थी कि आरोपी का प्रभाव क्षेत्र अभी भी बना हुआ है और जमानत मिलने की स्थिति में पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। पीड़िता के परिजनों ने भी कोर्ट को बताया था कि पहले भी उन्हें धमकियां मिल चुकी हैं।
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कहते हुए सजा निलंबित की कि आरोपी सात साल से अधिक समय जेल में बिता चुका है। इसके बावजूद CBI ने स्पष्ट किया है कि Unnao rape case Kuldeep Sengar में न्याय और पीड़िता की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।






