पेटीएम के नाम पर ठगी करने वाले तीन शातिर ठग गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। पेटीएम कंपनी के नाम पर दुकानदारों से केवाईसी कराने के बहाने ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को मंसूरपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से नकद घ्1.35 लाख, आठ मोबाइल फोन, 30 फर्जी आधार और पैन कार्ड, पेटीएम वॉक्स के 10 सिम कार्ड, पेटीएम के 45 क्यूआर कोड तथा एक हुंडई प10 कार बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि थाना प्रभारी मंसूरपुर सुभाष अत्री के नेतृत्व में ठगी का बड़ा गैंग पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपी खुद को पेटीएम का कर्मचारी बताकर दुकानदारों की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर उनकी निजी जानकारियां और सिम कार्ड लेकर उनके साथ ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। एसएसपी ने बताया कि 20 जून को मुखबिर से मंसूरपुर पुलिस को सूचना मिली कि तीन शातिर अपराधी एक हुंडई कार में सवार होकर किसी नई वारदात की फिराक में हैं। मंसूरपुर पुलिस ने नावला फ्लाईओवर के पास दबिश देकर तीनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में आलोक पुत्र महेश कुमार, निवासी सैनी मोहल्ला चौक नागलोई, दिल्ली, मोनू पुत्र राकेश कुमार, निवासी लक्ष्मी पार्क, नागलोई, दिल्ली और अमन वर्मा पुत्र मनोज वर्मा निवासी निहाल विहार, नागलोई, दिल्ली शामिल हैं।

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पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पहले पेटीएम कंपनी में काम करते थे। कंपनी छोड़ने के बाद उन्होंने केवाईसी शुल्क कम कराने के नाम पर दुकानदारों से भरोसा जीतकर उनका पेटीएम बॉक्स सिम और मोबाइल सिम लेते थे। फिर भीम ऐप डाउनलोड कर उसे दुकानदार के खाते से जोड़ लेते थे। कुछ दिनों बाद पेट्रोल पंप या जनसेवा केंद्रों के माध्यम से दुकानदारों के खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते और बाद में खातों से उनको नकद रूप में निकाल लेते थे। इन शातिर ठगों से पुलिस ने 1,35,000 नकद, 08 मोबाइल फोन, 30 फर्जी आधार और पैन कार्ड, 10 पेटीएम वॉक्स सिम कार्ड, 45 पेटीएम क्यूआर कोड और एक हुंडई कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रदेश में कई ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इनसे और पूछताछ कर अन्य वारदातों की कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं।

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