चकबंदी में भ्रष्टाचार को लेकर भाकियू में आक्रोश, ब्लॉक मुख्यालय पर होगी पंचायत

यूनियन अध्यक्ष नरेश टिकैत के निर्देश पर 13 को आंदोलन की तैयारी, चरथावल ब्लॉक में होगा अनिश्चितकालीन धरना

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद में चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ियों और किसानों की अनदेखी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने व्यापक आंदोलन की शुरुआत कर दी है। एक ओर चरथावल ब्लॉक में चकबंदी घोटाले के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की गई है, तो दूसरी ओर ग्राम न्यामू में पंचायत के दौरान किसानों के आक्रोश ने प्रशासन को वार्ता के लिए मजबूर कर दिया। देर रात ही अफसर मुख्यालय की ओर कूच करते किसानों के बीच पहुंचे और उनको समझाने का प्रयास किया, एक बार की वार्ता विफल होने के बाद पुलिस फोर्स के साथ किसानों को आगे रास्ते में रोका गया तो वो धरने पर बैठ गये। इसके साथ ही अब यूनियन ने मुख्यालय घेराव कर पंचायत करने का ऐलान करते हुए किसानों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के निर्देश पर चरथावल ब्लॉक में चकबंदी के नाम पर हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि 13 अक्टूबर से चरथावल में चकबंदी को लेकर बनी समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर ब्लॉक चरथावल मुख्यालय पर स्थित चकबंदी कार्यालय पर ब्लॉक अध्यक्ष संजय प्रधान के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू होगा। यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता। भाकियू का आरोप है कि चकबंदी विभाग में मनमाने तरीके से नक्शे बदले गए हैं और किसानों की जमीनों के साथ धोखा हुआ है। आरोप लगाया कि चकबंदी के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इस मुद्दे पर यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर राज्य स्तर पर ले जाया जाएगा।

इससे पहले शुक्रवार को ग्राम न्यामू में चकबंदी घोटाले के खिलाफ आयोजित भाकियू पंचायत ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। पंचायत में चकबंदी विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जिससे आक्रोशित हजारों किसानों ने भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुए मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट के लिए कूच कर दिया। ग्राम नगला राई के पास एसडीएम सदर, चकबंदी अधिकारी और पुलिस फोर्स ने किसानों को रोका और तीन दौर की वार्ता हुई। अंतिम दौर में हल्का पटवारी को तुरंत हटाने और 15 दिन के भीतर गलत नक्शे को बदलकर सही नक्शा बनाने पर सहमति बनी। वार्ता में भाकियू के जिला अध्यक्ष नवीन राठी और प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। किसानों को चकबंदी में आई सभी खामियों को सुधारने का भरोसा दिया गया। इस मौके पर सीटू त्यागी, कुशलपाल प्रधान, अंकित जोशी, समीम ठेकेदार, कुलदीप कपिल त्यागी, जय कुमार, नकुल त्यागी, फुरकान त्यागी, जुनैद त्यागी, चोना, मांगेराम, विनोद, रजनीश, अशोक, बोबी, समंदर सेन, किरण, भानु, अनुज त्यागी, राजीव शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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