मुजफ्फरनगर शहर में अब ई रिक्शाओं पर पाबंदी का दौर शुरू

जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान ने ई-रिक्शा को दिखाई हरी झंडी, रंगबिरंगी रूट प्रणाली से यात्रियों को मिलेगी राहत

मुजफ्फरनगर। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु और जाम-मुक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल करते हुए सोमवार को ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट प्रणाली की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस योजना की औपचारिक शुरुआत की।
शहर में यातायात सुधार के उद्देश्य से पिछले तीन महीनों में हुए गहन अध्ययन, सर्वेक्षण और योजना निर्माण के बाद यह रूट व्यवस्था तैयार की गई है। पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे के मार्गदर्शन में मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा के लिए विशेष रूट चिन्हित किए गए हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि यह रूट प्रणाली सिर्फ एक शुरुआत है। अगले चरण में इन रूटों को रंगों के अनुसार वर्गीकृत कर ष्कलर कोडेड ई-रिक्शा सेवाष् शुरू की जाएगी, जिससे यात्रियों को उनके गंतव्य के अनुसार रिक्शा चुनने में आसानी होगी। यह व्यवस्था ट्रैफिक को बेहतर बनाएगी, समय की बचत करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कहा कि इस पहल से न केवल शहर को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। हमारा उद्देश्य है कि मुजफ्फरनगर को ट्रैफिक प्रबंधन में एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर एआरटीओ विभाग का भी सहयोग सराहनीय रहा। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे केवल निर्धारित रूट वाले ई-रिक्शा का ही उपयोग करें ताकि यह व्यवस्था सफल हो सके और सभी को लाभ मिले। एसपी यातायात अतुल चौबे ने बताया कि बुधवार से शहरी क्षेत्र में ई रिक्शाओं के संचालन के लिए रूट निर्धारण व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इस व्यवस्था से इतर यदि कोई ई रिक्शा चलते हुए मिली तो कार्यवाही की जायेगी। बताया कि यह पहल मुजफ्फरनगर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने की ओर एक मजबूत कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर और व्यवस्थित परिवहन सेवा का लाभ मिलेगा।

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