मनरेगा से गांधी का नाम हटाना राष्ट्र का अपमान-नरेश टिकैत

वेस्ट यूपी में एम्स की मांग को बताया समय की आवश्यकता, सांसद हरेन्द्र मलिक से की गई मांग, कहा-हम जमीन देने को भी तैयार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार के कई निर्णयों पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि किसान हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार आज किसान की बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर सरकार किसानों की भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर गलत फैसले ले रही है, वहीं अब मजदूरों के हितों से जुड़ी योजना पर भी कुठाराघात किया गया है। मनरेगा से महात्मा गांधी के नाम हटाये जाने के सरकार के फैसले को राष्ट्र का अपमान बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व किसान संगठनों की आड़ में संगठन की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत कुछ समस्याओं को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा से उनके कार्यालय में मिलने पहुंचे थे। इस दौरान यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उनके साथ रहे। मुलाकात के बाद पुलिस कार्यालय पर मौजूद मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को गलत निर्णय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे न केवल राष्ट्रपिता का अपमान बताया, बल्कि कहा कि इस तरह के फैसले देश की जनता की भावनाओं को आहत करने वाले हैं और सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। किसान और आम जनता ऐसे फैसलों को स्वीकार नहीं करेगी।

नरेश टिकैत ने स्वीकार किया कि वर्तमान समय में किसान संगठनों में कुछ अराजक और असामाजिक तत्व शामिल होकर संगठन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय किसान यूनियन ऐसे तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाएगी। संगठन में वही लोग शामिल होंगे, जो किसानों और समाज के हित में कार्य करें। यूनियन का नाम लेकर अराजकता फैलाने, अपराधों में संलिप्त रहने या निजी स्वार्थ साधने वालों के खिलाफ कड़े निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में संगठन में भर्ती के दौरान चरित्र और सामाजिक छवि को प्राथमिकता दी जाएगी। असामाजिक तत्वों को संगठन से जोड़ने वालों पर भी शीर्ष नेतृत्व सख्त कार्रवाई करेगा। संगठन की आड़ में अपनी स्वार्थ की दुकान चलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वेस्ट यूपी में एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) खोलने की मांग को लेकर भी नरेश टिकैत ने संगठन की गंभीरता को दोहराया। उन्होंने बताया कि एम्स के लिए भूमि की मांग की जा रही है और हम भूमि देने को तैयार है। गांव लिसाढ़-हसनपुर क्षेत्र के पास एक भूमि चिन्हित कर उसे दिखाया गया है। इस संबंध में सांसद हरेंद्र मलिक से भी मुलाकात कर मांग रखी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए एम्स की स्थापना बेहद जरूरी है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली से मुजफ्फरनगर में बड़ी मात्रा में आरडीएफ के नाम पर फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में कबाड़ लाए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 ट्रक कबाड़ जिले में आ रहा है। यदि इसके लिए अनुमति भी है तो लोगों के जीवन से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। दूसरे प्रदेशों की गंदगी इस जिले में लाकर यहां के पर्यावरण और स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।

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