मनुस्मृति के अपमान के विरोध में दलित व पिछड़े मजदूर-किसानों का प्रदर्शन

हिन्द मजदूर किसान समिति ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर। सोमवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के बैनर तले सैंकड़ों दलित एवं पिछड़े वर्ग के मजदूर और किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने मनुस्मृति का अपमान करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और नारेबाजी भी की।

प्रदर्शन के दौरान समिति के पदाधिकारियों के साथ मजदूरों और किसानों ने डीएम कार्यालय पर धरना भी दिया। धरने को संबोधित करते हुए समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर मनुस्मृति को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और इसे मानवता विरोधी बताने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति के प्रथम अध्याय के श्लोक 110 और 111 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रत्येक मनुष्य जन्म से समान होता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि मनुस्मृति जातिभेद का समर्थन नहीं करती।

इसे भी पढ़ें:  नेशनल कुश्ती खिलाड़ी के साथ सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी

समिति के अनुसार मनुस्मृति और सनातन संस्कृति को भ्रष्ट राजनीति का शिकार बनाया गया है, जबकि मनुस्मृति को मानव समाज का पहला विधान माना जाता है, जिसका मूल स्वरूप मानवतावादी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसे ग्रंथों का अपमान समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य करता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हिन्द मजदूर किसान समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मनुस्मृति का अपमान करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में सौहार्द बना रहे।

इसे भी पढ़ें:  यातायात माह का शुभारंभ, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता रैली निकली

इस मौके पर हिन्द मजदूर किसान समिति के सरपंच राजपाल, उपसरपंच दीपक, मोरना ब्लाक अध्यक्ष पदम सिंह, पुरकाजी ब्लाक अध्यक्ष विकास, जानसठ ब्लाक अध्यक्ष नवीन, सदर ब्लाक अध्यक्ष विनोद, खतौली ब्लाक अध्यक्ष सुनील, शाहपुर ब्लाक अध्यक्ष तपेंद्र, बघरा ब्लाक अध्यक्ष कार्तिक, बुढ़ाना ब्लाक अध्यक्ष पंकज, चरथावल ब्लाक अध्यक्ष प्रवीन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और दलित एवं पिछड़ा वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर ने किया बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण

Also Read This

देवबंद हत्याकांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया। करीब तीन दिन की तलाश के बाद जिस पिंटू का शव आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला था, उस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल ईंट का अद्धा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम आखलौर,

Read More »

दर्द के बीच दौड़ी जिंदगी, 102 एंबुलेंस में गूंजी नवजात की पहली किलकारी

ईएमटी प्रियंका की सूझबूझ से चलते रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा स्वस्थ खतौली 26 मई, मंगलवार। कभी-कभी कुछ पल जिंदगीभर की खुशी बन जाते हैं। मंगलवार सुबह खतौली क्षेत्र में ऐसा ही भावुक और राहत भरा दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही 102 एंबुलेंस नवजात के जन्म की साक्षी बन गई। एंबुलेंस के भीतर गूंजी मासूम की पहली किलकारी ने परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे भी खुशी से खिला दिए।खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराया हुआ था, लेकिन 102 एंबुलेंस सेवा उम्मीद बनकर समय पर पहुंची। महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट

Read More »

टिहरी में डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग की भूमि पर सुनवाई, 5 मामलों में फिर मूल्यांकन के निर्देश

देहरादून/टिहरी गढ़वाल। कोटी कॉलोनी से डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग निर्माण के लिए अर्जित भूमि और परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में भू-स्वामियों की आपत्तियों को सुना गया और गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर 18 भूमि एवं भवन स्वामियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह सुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम 2013 की धारा-33 के तहत की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मामलों की स्थिति साफ करना था, जिनमें भू-स्वामियों ने अर्जित भूमि, भवन या अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसे भी पढ़ें: 

Read More »