पूर्व विधायक संगीत सोम पर टिप्पणी के बाद जिले में सियासी माहौल गरम, माफी नहीं मांगी तो आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की राजनीति एक बार फिर बयानबाजी के कारण गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद हिंदूवादी और जातिगत संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। बयान के विरोध में कई संगठनों ने मोर्चा खोलते हुए जिया चौधरी से सार्वजनिक माफी की मांग की है, वहीं आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी इन दिनों अपने एक बयान को लेकर गंभीर विवादों में घिर गए हैं। जिया चौधरी द्वारा भाजपा के पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम को मोदी लहर में पराजित होने वाला मानसिक रोगी बताए जाने के बाद हिंदूवादी और सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। बयान को अमर्यादित बताते हुए कई संगठनों ने इसे जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया है।
जिया चौधरी की टिप्पणी के बाद जिले में सियासी माहौल तेजी से गरम हो गया है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने एक स्वर में बयान की निंदा करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को आड़े हाथों लिया है। शिव सेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने भी जिया चौधरी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिया चौधरी ने अपने बयान पर माफी नहीं मांगी तो संगठन उनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
वहीं धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंकुर राणा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिया चौधरी जानबूझकर जिले का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि किसके इशारे पर इस तरह की बयानबाजी की जा रही है। अंकुर राणा ने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले दलित समाज की नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में भी जिया चौधरी ने भड़काऊ बयान दिए थे, लेकिन उस समय शांति बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
हिंदू युवा वाहिनी ने भी इस प्रकरण में समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला है। संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रहलाद आहूजा ने जिया चौधरी के बयान का कड़ा विरोध करते हुए ठाकुर संगीत सोम के समर्थन में खुलकर बयान दिया। प्रहलाद आहूजा ने जिया चौधरी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए विवादित टिप्पणी की। कुल मिलाकर, जिया चौधरी के बयान ने जिले की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, बीते गुरूवार को सपा कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दइौरान सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने अपने बयान में भाजपा नेता पूर्व विधायक संगीत सोम को 2022 का चुनाव हारा हुआ मानसिक रोगी बताते हुए कहा कि वे सिर्फ राष्ट्रीय चैनलों पर बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं। शाहरुख को देश का गद्दार बताये जाने पर जिया चौधरी ने कहा कि संगीत सोम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, वे डिप्रेशन का शिकार हैं और इसी वजह से लगातार समाज को बांटने वाले बयान दे रहे हैं। संगीत सोम कभी मौलवियों को गाली देते हैं, कभी शाहरुख खान को गद्दार बताते हैं और कभी मदरसों पर हमला करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया- क्या संगीत सोम देश का कानून हैं? देश संविधान से चलेगा, न कि संगीत सोम के भाषण से। जिया चौधरी ने कहा- हम शाहरुख खान के प्रवक्ता नहीं हैं, लेकिन सवाल जरूर पूछेंगे। शाहरुख खान की फ्रेंचाइजी में जूही चावला और उनके पति भी पार्टनर हैं, तो वे किस कैटेगरी के गद्दार हैं? उन्होंने आगे कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह आईसीसी चेयरमैन हैं और उन्हीं के नेतृत्व में भारत में टी-20 वर्ल्ड कप हो रहा है, जिसमें बांग्लादेश की टीम भी खेल रही है। उन्होंने कहा- क्या संगीत सोम में इतनी हिम्मत है कि वे अमित शाह से सवाल पूछ सकें?





