जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तथा जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर जनपद के सभी पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग को सख्त चेकिंग अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जिलाधिकारी ने बताया कि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा 18 दिसंबर 2025 को नो हेलमेट, नो फ्यूल रणनीति को लागू किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के अनुपालन में अब जनपद स्तर पर कार्रवाई को और अधिक सख्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 129 एवं उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 के नियम 201 के अंतर्गत सभी दोपहिया वाहन चालकों एवं सवारियों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षात्मक हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इन नियमों का उल्लंघन केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तथा जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर जनपद के सभी पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पेट्रोल पम्प पर बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को ईंधन उपलब्ध न कराया जाए। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी पेट्रोल पम्प संचालक या स्वामी द्वारा बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल देते हुए पाया गया, तो संबंधित पम्प के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोल पम्प मालिकों से भी प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि इस अभियान को सफल बनाकर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।





