राम मंदिर साजिश के आरोपी की नीमका जेल में हत्या

फरीदाबाद। हरियाणा की नीमका जेल में बंद एक संदिग्ध आतंकी की हत्या से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। देर रात जेल परिसर के भीतर ही नुकीले हथियार से हमला कर बंदी अब्दुल रहमान की जान ले ली गई। इस वारदात को अंजाम देने का आरोप उसी बैरक में बंद कैदी अरुण चौधरी पर लगा है।

सूत्रों के अनुसार, घटना रात करीब दो बजे के आसपास हुई, जब अधिकतर बंदी अपने बैरक में मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले में अब्दुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और अन्य बंदियों से पूछताछ शुरू की।

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अब्दुल रहमान जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले का निवासी था और उस पर राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप थे। उसे इसी मामले में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 2 मार्च 2025 को गुजरात के पाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वह फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद था।

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वहीं, आरोपी कैदी अरुण चौधरी भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था और उसे अक्टूबर 2024 में नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद या आपसी रंजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

इस सनसनीखेज हत्या के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है, वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे आतंकी नेटवर्क से जुड़ा कोई कारण था या यह जेल के भीतर हुआ आपसी संघर्ष था।

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