ग्रेटर नोएडा में 81वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला (वसंत) 2026 सम्पन्न, हस्तशिल्प प्रदर्शनी में देश-विदेश के निर्यातक और शिल्पकार जुटे
मुजफ्फरनगर। जनपद गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा स्थित नॉलेज पार्क में बने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 81वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला (वसंत) 2026 का भव्य आयोजन हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में देश-विदेश से आए निर्यातकों, उद्यमियों और शिल्पकारों ने अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
मेले में भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प की विविध विधाओंकृहाथ से बने सजावटी उत्पाद, वस्त्र, गृह सज्जा सामग्री, लकड़ी व धातु शिल्प, कांच एवं मिट्टी के उत्पादकृको आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों ने नवीन डिज़ाइन, गुणवत्ता और सृजनात्मकता की सराहना की। प्रदर्शनी में नवाचारों पर विशेष बल देते हुए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला का समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प उद्योग हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम है। यह क्षेत्र निर्यात वृद्धि को प्रोत्साहित कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल (स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन) के संकल्प को सशक्त बनाने पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता सुधार, डिज़ाइन नवाचार, ब्रांड निर्माण और डिजिटल मंचों के उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

राज्यमंत्री ने उद्यमियों और शिल्पकारों से सरकार द्वारा संचालित प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान मिलती है और ‘मेक इन इंडिया (भारत में निर्माण) तथा ‘आत्मनिर्भर भारत (स्वावलंबी भारत) के दृष्टिकोण को नई गति मिलती है। 81वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला (वसंत) 2026 ने एक बार फिर सिद्ध किया कि भारतीय शिल्पकला गुणवत्ता, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक समृद्धि के मामले में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है। इस आयोजन ने न केवल निर्यात संभावनाओं को बल दिया, बल्कि प्रदेश के कारीगरों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोले।






