100 नेत्र रोगियों को निःशुल्क उपचार परामर्श के साथ दवाईयां वितरित, 31 रोगी मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित
मुजफ्फरनगर। एमजी. पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार 22 फरवरी, 2026 को निःशुल्क मासिक नेत्र रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ एम.जी. चौरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सतीश चंद गोयल ने किया। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग द्वारा अतिथियों, चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों और उपचार परामर्श लेने आये नेत्र रोगियों का विद्यालय प्रांगण में स्वागत किया।
प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि जनवरी माह के चौथे रविवार को वरदान धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय, प्रेमपुरी जनपद मुजफ्फरनगर के सहयोग से विद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय हरबंस लाल गोयल एवं स्वर्गीय विमलावती देवी की पुण्य स्मृति में आँखों के निःशुल्क विराट चिकित्सा कैंप का आयोजन लगातार किया जा रहा है। फरवरी माह के नेत्र शिविर में वरदान नेत्र चिकित्सालय, प्रेमपुरी की वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. स्वाति अग्रवाल के द्वारा रोगियों के नेत्रों का परीक्षण कर उनको उचित उपचार परामर्श के साथ ही निःशुल्क दवा वितरित की गयी। शिविर में कुल 100 रोगियों को डॉ. स्वाति अग्रवाल द्वारा उचित परामर्श प्रदान करते हुए स्वास्थ्य लाभ दिया गया और 31 रोगियों को मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया।

प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस नेत्र चिकित्सा शिविर में मोतियाबिंद के लिए चयनित रोगियों का ऑपरेशन भी निःशुल्क करने की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां पर पूर्व में चयनित रोगियों को ऑपरेशन के बाद मिले लाभ के अनुभव साझा करने के लिए भी बुलाया गया था। सभी ने शिविर में मिली सुविधा, सेवा और व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के बाद उनके अंधेरे जीवन में रोशनी लौटी है। सभी ने शिविर आयोजकों और चिकित्सक को साधुवाद दिया।
विद्यालय में आगामी नेत्र चिकित्सा शिविर 22 मार्च, 2026 को सुबह 10 बजे से आयोजित किया जायेगा। इस दौरान मुख्य रूप से एम.जी. चौरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सतीश चंद गोयल, एम.जी. पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के उपाध्यक्ष विनीत सिंघल, कोषाध्यक्ष रोहित सिंघल, वरदान धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय, प्रेमपुरी के अध्यक्ष शिवचरण दास गर्ग, सत्यवीर सिंह, अनिल वर्मा मौजूद रहे। शिविर आयोजन में डॉ. स्वाति अग्रवाल के साथ उनके सहयोगी के रूप में मोहिनी प्रजापति, निशा, परवेज आलम, शादाब, सुरेन्द्र माहेश्वरी सहित विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।






