शामली रोड पर झुग्गियां हटवाने पर भड़के विधायक पंकज मलिक

काली नदी के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को बताया गरीब परिवारों पर अन्याय, सपा विधायक पंकज मलिक ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया अभियान, टीम को वापस भेजा

मुजफ्फरनगर। शहर के शामली रोड स्थित काली नदी पुल के समीप झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे गरीब परिवारों को हटाने पहुंची नगरपालिका परिषद की टीम को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब क्षेत्र से गुजर रहे सपा विधायक पंकज मलिक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन पर गरीबों के प्रति पक्षपातपूर्ण मानसिकता से कार्य करने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बिना वैकल्पिक आवास की व्यवस्था किए किसी भी परिवार को बेघर किया गया, तो वे स्वयं उनके साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए पालिका टीम को वहां से बैरंग लौटाया और परिवारों को भरोसा दिया कि उनका आशियाना उजड़ने नहीं दिया जायेगा।

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नगरपालिका परिषद द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत मंगलवार देर शाम शामली रोड पर काली नदी पुल के किनारे बसे झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। ये परिवार लंबे समय से सड़क किनारे अस्थायी आशियाना बनाकर रह रहे हैं और आसपास सब्जी आदि बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पालिका का अतिक्रमण दस्ता मौके पर पहुंचकर झुग्गियों को हटाने की तैयारी में था। इसके कारण यहां पर परिवारों ने टीम का विरोध किया और भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सपा विधायक पंकज मलिक ने अपना काफिला रुकवाया और सीधे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंच गए। उन्होंने लोगों की पीड़ा सुनी और तत्काल पालिका टीम की कार्रवाई रुकवा दी।
मौके से ही विधायक ने पालिका की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह को फोन कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रत्येक परिवार के लिए रहने की समुचित और सम्मानजनक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक किसी भी हालत में उन्हें न हटाया जाए और न ही परेशान किया जाए। विधायक ने कहा कि यहां परिवार सहित रह रहे गोपाल सिंह समेत अन्य महिलाओं और पुरुषों को उजाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना व्यवस्था के दोबारा कार्रवाई की गई तो वे स्वयं इन परिवारों के साथ धरने पर बैठेंगे।

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मौके पर हुई इस बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है। विधायक ने इसे अपने फेसबुक पृष्ठ पर साझा किया है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा कि शहर के शामली रोड पर काली नदी किनारे रह रहे गरीब परिवारों को बिना वैकल्पिक आवास की समुचित व्यवस्था के हटाया जाना पूर्णतः अन्यायपूर्ण है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक प्रत्येक परिवार के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी स्थिति में उन्हें न हटाया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब का घर उजाड़ना आसान है, लेकिन उसका भविष्य बसाना हमारी जिम्मेदारी है। हमारी राजनीति सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए है। गरीबों के अधिकारों की रक्षा हर हाल में की जाएगी। विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन गरीबों के खिलाफ एक विशेष मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर केवल कमजोर और असहाय वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं होती।

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