बिजनौर लापता छात्राएं मामले में राहत भरी खबर सामने आई है। बोर्ड परीक्षा देने के बाद अचानक गायब हुई छह छात्राओं को पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी छात्राओं की काउंसलिंग कराई और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इस घटना के बाद छात्राओं के परिजनों और क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल बन गया था। बिजनौर के एक इंटर कॉलेज में गुरुवार को बोर्ड परीक्षा देने के बाद छह छात्राएं अचानक लापता हो गई थीं।
गुरुवार रात से ही परिजनों ने छात्राओं की तलाश शुरू कर दी थी। शुक्रवार को परेशान परिजन चांदपुर थाने पहुंचे और घटना की सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के कई लोग और कुछ हिंदू संगठन के सदस्य भी थाने पहुंच गए और मामले को लेकर नाराजगी जताई। पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि बिजनौर लापता छात्राएं उत्तराखंड के हरिद्वार में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी छात्राओं को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार बरामद हुई छात्राएं आपस में दोस्त हैं और परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी मर्जी से हरिद्वार चली गई थीं। उन्होंने घर से जाने की जानकारी अपने परिजनों को नहीं दी थी।
बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी छात्राओं की काउंसलिंग कराई ताकि पूरे मामले की सही जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्राएं सुरक्षित हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस बीच देवरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया है। आरोप है कि नशेड़ी युवकों ने एक किशोर को पिस्टल के बल पर दो बार अगवा किया और उसका खून निकलवाकर बेच दिया। किशोर की मां के अनुसार पहली घटना 21 फरवरी को हुई थी, जबकि दूसरी घटना करीब एक सप्ताह पहले हुई।
उमानगर के एक व्यक्ति ने भी आरोप लगाया कि उसके 15 वर्षीय बेटे से कुछ युवक दो हजार रुपये मांग रहे थे। मना करने पर उन्होंने उसे पकड़ लिया और धमकी देते हुए कहा कि रुपये नहीं दोगे तो खून दो। दोनों किशोरों के परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






