अमेठी। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अमेठी से एक बड़ा मामला सामने आया है। अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में नहीं मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, बताया जा रहा है कि उनका नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है।
जानकारी के अनुसार स्मृति ईरानी ने गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई गांव में भूमि खरीदी थी। इसके बाद यहां आवास निर्माण और गृह प्रवेश के बाद उनका नाम स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची में दर्ज हुआ था। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी क्षेत्र के बूथ पर मतदान भी किया था। ऐसे में पंचायत चुनाव की अंतिम सूची में नाम नहीं दिखने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अलग प्रक्रिया और आवेदन की जरूरत होती है। अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि पंचायत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से जुड़ा आवेदन जमा हुआ था या नहीं। यदि आवेदन और जरूरी अभिलेख नियमानुसार पाए जाते हैं तो नाम शामिल कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
भाजपा नेताओं की ओर से कहा गया है कि विधानसभा मतदाता सूची में स्मृति ईरानी का नाम मौजूद है और पंचायत सूची में नाम जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज संबंधित स्तर पर दिए गए थे। वहीं प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच और आवश्यक संशोधन की बात कही है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी अंतिम मतदाता सूची में इस बार बड़े स्तर पर संशोधन हुआ है। प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 58 लाख से अधिक बताई जा रही है। विशेष पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ा गया, जबकि मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को सूची से हटाया गया।
फिलहाल स्मृति ईरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची में न मिलने का मामला अमेठी में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी कि नाम तकनीकी कारणों से छूटा या आवेदन प्रक्रिया में कोई कमी रह गई।






