मुजफ्फरनगर में रूट प्लान बनाने में जुटा पुलिस विभाग, छह अगस्त से हाईवे पर थम जाएंगे वाहनों के पहिए
मुजफ्फरनगर। सावन माह 21 जुलाई से लग रहा है, सावन की शिवरात्रि 11 अगस्त को है। अभी से ही कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियों में अफसरों का पूरा अमला जुट गया है। कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिहाज से मुजफ्फरनगर सहित प्रभावित जनपदों में कांवड़ मार्ग पर यातायात डायवर्जन प्लान 28 जुलाई से लागू कर दिया जाएगा। हालांकि अभी कुछ फाइनल नहीं किया गया है, लेकिन इस पर गहन मंथन चल रहा है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर तैयार किए गए यातायात प्लान में छह अगस्त से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले शिवभक्तों का रेला जनपद की सड़कों पर उमड़ता है। इसे देखते हुए उन मार्गों को चिह्नित किया गया है, जहां कांवड़ियों का सबसे अधिक आवागमन और दबाव बना रहता है। इन सड़कों पर सामान्य यातायात बंद रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यातायात पुलिस की टीम ने प्रस्तावित डायवर्जन को लेकर सड़कों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन के अफसर अब दिन और रात कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करते हुए तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्थलीय भ्रमण कर सभी कील कांटे दुरूस्त करने में लगे हुए हैं।

एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे ने बताया कि कांवड़ यात्राप के दृष्टिगत मार्गों की स्थिति, श्रद्धालुओं की संभावित संख्या और स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए अंतिम डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी मंथन चल रहा है। जल्द ही प्लान को अंतिम रूप देकर 28 जुलाई से लागू कर दिया जाएगा। छह अगस्त से वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। शिव भक्तों की भीड़ और सड़क पर आवागमन के दबाव को देखते हुए इस निर्णय में बदलाव भी हो सकता है।
एसपी यातायात के अनुसार एडीजी भानु भास्कर ने जनपद में कांवड़ मार्ग का वृहद दौरा कर लिया है। कांवड़ मार्ग पर शिविरों व ढाबों पर स्वच्छता सुनिश्चित कराने, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का व्यापक उपयोग करने, तेज आवाज में डीजे और बड़ी कांवड़ नियमानुसार ले जाने निर्देश दिए। एसपी यातायात को एडीजी ने रूट डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पिछली बार जो खामियां थीं, वह इस बार न हों और लोग जाम में न फंसें। इसको लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग की टीम को खंभों पर पन्नी चढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि कोई हादसा न हो।
कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट निर्धारित, बड़ी कांवड़ों पर रहेगी नजर
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है, सभी आवश्यक तैयारियों पर फोकस किया जा रहा है। लगातार निरीक्षण कर आवश्यकता और समस्या को समझा जा रहा है ताकि समय रहते सभी को सही कर लिया जाये, सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने सुरक्षा और ध्वनि नियंत्रण के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं। बताया कि डाक कांवड़ और डीजे वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय की गई है, और ध्वनि की सीमा 75 डेसिबल निर्धारित है। इसका पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बड़ी कांवड़ को शहरी क्षेत्र से नहीं निकलने दिया जायेगा, क्योंकि यात्रा मार्ग शहरी क्षेत्र में छोटा है और पूर्व में यहां बड़ी कांवड़ के कारण समस्या उत्पन्न हो चुकी है, ऐसे में प्रयास है कि इनको हाईवे से ही निकाला जायेगा, इसके लिए पूरी टीम लगाई जा रही है। साथ ही थानेदारों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। कांवड़ मार्ग की झाड़ियों को काटा जा रहा है। बिजली के खंभों पर पन्नी लपेटी जाएगी। सीसीटीवी की निगरानी में यात्रा होगी।
