मुजफ्फरनगर में मूसलाधार बारिश-सोलानी से काली तक नदियां उफान पर, बढ़ा बाढ़ का खतरा

डीएम-एसएसपी समेत पूरा अमला बारिश के बीच मैदान में उतरा, राहत एवं बचाव तैयारियां तेज

चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंची काली नदी, शामली रोड पर पुल और सड़क के समान पहुंचा जलस्तर

मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनपद में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। सोलानी और काली नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। काली नदी (पश्चिम) चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है और खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। वहीं पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोलानी नदी के उफान से आसपास के गांवों और खेतों में पानी पहुंचने लगा है। हालात को देखते हुए जिलाधिकारी से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

शुक्रवार सुबह जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार शामली रोड स्थित काली नदी (पश्चिम) का जलस्तर 235.300 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 235.000 मीटर और खतरे का स्तर 235.500 मीटर है। नदी का पानी चेतावनी सीमा पार कर चुका है और खतरे के निशान से केवल 0.200 मीटर नीचे है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने तथा किसी भी अफवाह से बचते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। सदर तहसील क्षेत्र में चरथावल रोड स्थित शनि मंदिर के पास तहसीलदार राधेश्याम गौड़ ने काली नदी के बढ़ते जलस्तर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को नदी की लगातार निगरानी रखने और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एडीएम वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह भी अफसरों के साथ खादर पहुंचे और सोलानी नदी का निरीक्षण किया।

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उधर, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने लगातार हो रही वर्षा के बीच पुरकाजी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सोलानी नदी के बढ़ते जलस्तर, खेतों में भर रहे पानी तथा संभावित जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी किनारे स्थित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और बाढ़ की स्थिति, जलभराव तथा अन्य समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जल निकासी के कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए। मौके पर जेसीबी मशीनों से नालों और जल निकासी मार्गों में जमा मलबा, कचरा तथा अन्य अवरोध हटाए गए ताकि वर्षा का पानी बिना रुकावट निकल सके और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, राहत संसाधन तैयार रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान नदी तटों, जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें।

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