नगरपालिका में ठेकेदारों के भुगतान अटके, भुगतानर पत्रावलियों को ईओ ने रोका

ईओ से मिले एसोसिएशन के पदाधिकारी, ईओ ने दो-चार दिन में भुगतान कराने का दिया भरोसा, निर्माण विभाग में कार्य कर चुके 6-7 ठेकेदारों की भुगतान पत्रावलियां परीक्षण के नाम पर लंबित

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के निर्माण विभाग में कार्य करने वाले कई ठेकेदारों के भुगतान पिछले कई दिनों से लंबित होने के कारण ठेकेदारों में नाराजगी बढ़ गई है। भुगतान पत्रावलियों के स्वीकृत न होने से ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई।

समस्या के समाधान को लेकर नगरपालिका परिषद ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) पवन कुमार से मुलाकात कर लंबित भुगतान शीघ्र जारी कराने की मांग की। इस पर ईओ ने आश्वासन दिया कि परीक्षण के लिए रोकी गई पत्रावलियों का निस्तारण कर दो से चार दिनों के भीतर भुगतान करा दिया जाएगा।

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नगरपालिका परिषद ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्र नारायण माथुर ने बताया कि निर्माण विभाग में कार्य करने वाले करीब छह से सात ठेकेदारों की भुगतान पत्रावलियां पिछले 10 से 15 दिनों से लंबित पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने और बिल तैयार होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर जानकारी मिली थी कि अधिशासी अधिकारी ने इन भुगतान पत्रावलियों को परीक्षण के लिए रोक रखा है और अग्रिम आदेश तक भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के चलते एसोसिएशन के पदाधिकारी और प्रभावित ठेकेदार ईओ से मिले तथा लंबित पत्रावलियों को शीघ्र स्वीकृत कर भुगतान जारी करने की मांग की। वहीं, कुछ ठेकेदारों का कहना है कि करीब एक पखवाड़े से उनकी भुगतान पत्रावलियां बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबित रखी गई हैं, जिससे उन्हें श्रमिकों के भुगतान, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के बकाए और अन्य वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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उधर, अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने भुगतान जानबूझकर रोके जाने के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कुछ भुगतान पत्रावलियों में परीक्षण की आवश्यकता महसूस होने के कारण उन्हें अस्थायी रूप से रोका गया था। इसी बीच संबंधित लेखाकार अवकाश पर चली गईं और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में प्रशासनिक व्यस्तता के कारण स्वीकृति की प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही दो से चार दिनों के भीतर लंबित भुगतान जारी करा दिए जाएंगे।

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