गांव देवल के पास निर्माणाधीन हाईवे पर ट्रक फंसा, रोडवेज बसों का संचालन भी हुआ बंद
मुजफ्फरनगर। जनपद में भारी बारिश का कहर जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करने वाला साबित हो रहा है। कई जगह से सड़कों का कटान होने के कारण शहर और गांव का सम्पर्क टूटा है, अब मुजफ्फरनगर-बिजनौर मार्ग पर देवल के पास सड़क पर मिट्टी और पानी भरने से यातायात ठप हो गया। टाइल्स से लदा ट्रक फंसने के बाद रोडवेज बसों का संचालन भी बंद कर दिया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और हाईवे निर्माण कार्य के चलते मुजफ्फरनगर-बिजनौर मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। देवल के पास सड़क पर मिट्टी और पानी भरने के कारण टाइल्स से लदा एक ट्रक बीच रास्ते में फंस गया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। स्थिति को देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन भी रोक दिया गया है। थाना रामराज क्षेत्र के देवल के पास बृहस्पतिवार को हाईवे निर्माणाधीन पुल की मिट्टी सड़क पर आ गई थी। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया था। रात में बजरी डालकर यातायात को आंशिक रूप से बहाल किया गया, लेकिन सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकी।
शुक्रवार सुबह मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा टाइल्स से लदा एक ट्रक सड़क पर फंस गया। इसके बाद पूरे मार्ग पर यातायात रुक गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिवहन निगम मुजफ्फरनगर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि मार्ग बाधित होने के कारण बिजनौर जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन फिलहाल बंद कर दिया गया है। सड़क सामान्य होने के बाद ही बस सेवा दोबारा शुरू की जाएगी। लगातार बारिश और निर्माणाधीन हाईवे से सड़क पर आई मिट्टी के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से मार्ग को जल्द सुचारु कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
देवल में जलभराव से हाहाकार, ग्रामीणों ने ली मंदिर और गुरूद्वारा में शरण
मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश के बीच जानसठ क्षेत्र के देवल गांव में जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाले का निर्माण अधूरा रहने के कारण बारिश का पानी गांव की गलियों से होते हुए कई घरों में घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थिति गंभीर होने पर जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा स्वयं देवल गांव पहुंचीं और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हुए गांव के मंदिर और गुरुद्वारे में शिफ्ट कराया। प्रशासन की ओर से वहां रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों के घरों में भरे पानी की निकासी के लिए पम्पिंग सेट लगाए गए हैं, जबकि जलभराव कम करने और आवागमन सुचारु बनाने के लिए बुलडोजर की मदद से रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले का निर्माण पूरा हो जाता तो इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका आरोप है कि संबंधित कार्य में हुई लापरवाही का खामियाजा अब गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान करना है। राहत कार्य लगातार जारी हैं और स्थिति सामान्य होने तक प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा।
