भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने विभिन्न विभागों पर उत्पीड़न और रिश्वतखोरी के लगाए आरोप
मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश भी किसानों के बढ़ते आक्रोश को नहीं रोक सकी। मुजफ्फरनगर की सदर तहसील बुधवार को उस समय आंदोलन का केंद्र बन गई, जब भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान तहसील परिसर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बरामदे में डेरा डालते हुए चेतावनी दी कि जब तक भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
जनपद की सदर तहसील में बुधवार को लगातार हो रही बारिश के बीच भारतीय किसान यूनियन ने जिलाध्यक्ष चैधरी नवीन राठी के नेतृत्व में विशाल किसान पंचायत एवं अनिश्चितकालीन धरने का आयोजन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसान, पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और एसडीएम कार्यालय के बरामदे में धरना शुरू कर दिया। किसानों ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार और किसानों की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त किया।
किसान पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि तहसील प्रशासन सहित कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं और किसानों के आर्थिक शोषण, पुलिस विभाग पर तानाशाही रवैया अपनाने, प्रदूषण विभाग पर मनमानी तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पर बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए। उनका कहना था कि किसानों, मजदूरों, पिछड़े और कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान यूनियन का यह आंदोलन प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि अनिश्चितकालीन है। जब तक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी किसानों एवं आम लोगों का उत्पीड़न बंद नहीं करेंगे तथा उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना और संघर्ष जारी रहेगा। धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन से विभिन्न विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई, किसानों की लंबित समस्याओं के समाधान तथा सरकारी कार्यालयों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान पंचायत और धरने में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों किसान, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बारिश के बावजूद किसानों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध लगातार जारी रखा।






