यूपी में 12 लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के परिवार होंगे लाभान्वित, 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि हस्तांतरित
मुजफ्फरनगर। जनपद के जानसठ रोड स्थित लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी से प्रसारित वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसमें प्रदेशभर के शिक्षकों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
यहां आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार रहे, जबकि नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने वाराणसी से प्रदेश की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। योजना का उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराते हुए आर्थिक बोझ से राहत प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी 1,200 रुपये की सहायता राशि भी हस्तांतरित की। यह राशि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, स्वेटर एवं स्टेशनरी जैसी आवश्यक शैक्षिक सामग्री की खरीद के लिए प्रदान की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ।
जनपद स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार होते हैं और यह योजना शिक्षकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली साबित होगी।
नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के सम्मान और उनके स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनका स्वस्थ एवं सुरक्षित रहना आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने योजना को शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के लाखों शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त होगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष संजय राठी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, अशोक बालियान, भोला शंकर, हरेन्द्र शर्मा के अलावा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर, बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी और बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।






