जैन समाज ने मेनका गांधी के मोर हत्या वाले बयान पर जताई आपत्ति

कहा कि सकल जैन समाज की मांग है कि गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिया जाए

समाज के प्रतिनिधियों के साथ प्रदीप जैन ने कहा- तथ्य प्रस्तुत करें या समाज से क्षमा मांगें, आरोपों को बताया निराधार

मुजफ्फरनगर। सकल जैन समाज ने जैन अतिथि भवन भारत माता चैक पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के जैन साधु-संतों को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन समाज सदैव अहिंसा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता आया है, लेकिन समय-समय पर समाज को लेकर भ्रामक टिप्पणियां की जाती रही हैं।

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पत्रकार वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों के साथ प्रदीप जैन ने कहा कि मेनका गांधी द्वारा जैन संतों की पिच्छी को लेकर 15 लाख मोरों की हत्या का जो दावा किया गया है, वह पूरी तरह असत्य और आधारहीन है। उन्होंने कहा कि जैन समाज इस विषय पर तथ्य और प्रमाण के आधार पर चर्चा के लिए तैयार है। समाज ने मांग की कि यदि आरोप सही हैं तो उनके समर्थन में तथ्य प्रस्तुत किए जाएं, अन्यथा बयान वापस लेकर जैन समाज से क्षमा मांगी जाए।

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इस दौरान प्रदीप जैन ने हाल ही में डीएम को ज्ञापन सौंपने के दौरान वायरल हुई वीडियो को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो को गलत अर्थों में प्रस्तुत किया गया, जबकि उनकी बात का उद्देश्य उन लोगों की सराहना करना था जो निजी संसाधनों से गौ सेवा और गौशालाओं का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना सरकारी अनुदान के चलने वाली संस्थाओं में भ्रष्टाचार की संभावना कम रहती है, जबकि अनुदान प्राप्त संस्थाओं में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि सकल जैन समाज की मांग है कि गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिया जाए और गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पत्रकार वार्ता में गौरव जैन, पंकज जैन, राजकुमार, रोहित जैन, प्रभाष जैन, विप्लव जैन, संजय कुमार, नितिन, राजेश जैन, अनुज जैन सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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