धनगर समाज के बच्चों ने कलेक्टेªट जाकर सौंप दिए बच्चों के स्कूल बैग

मुजफ्फरनगर। धनगर समाज के लोगों के शासनादेश के बावजूद भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने पर आक्रोशित लोगों ने शहर मे तिरंगा यात्रा निकाली और कलेक्ट्रेट जाकर अपने बच्चों के स्कूल बैग प्रशासन के समक्ष सौंप दिये गये।

अखिल भारतीय धनगर समाज महासंघ के नेता अरविंद धनगर के नेतृत्व में देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक से तिरंगा यात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें धनगर समाज के बच्चों और महिलाओं ने विभिन्न ग्रामों से आये सैंकड़ों ग्रामीणोें ने भाग लिया। कार्यक्रम में ये लोग लगभग 151 फीट लंबा तिरंगा भी साथ में लेकर चल रहे थे। आज धनगर समाज के बच्चों ने सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने स्कूलों के बैग जमा करते हुए कहा कि समाज का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रहा है। ऐसे में समाज में रोष है तो बच्चों के स्कूल बैग प्रशासन अपने पास ही रख ले।

अरविंद धनगर ने कहा कि 1952 से सर्टिफिकेट 1976 तक निरंतर बनते रहे लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लोगों ने धनगर का धनगढ़ कर दिया, उसके पश्चात वर्ष 1976 से समाज के लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली और न्यायालय ने साफ तौर पर आदेश जारी कर कहा कि धनगर जाति के सर्टिफिकेट तुरंत बनने चाहिए तत्पश्चात की सर्टिफिकेट नहीं बनाई जा रहे हैं। सरकार ने आदेश जारी किया उसके बाद सर्टिफिकेट बनने स्टार्ट हुए लेकिन फिर रोक दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने धनगर जाति के प्रमाण पत्र बनवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शिव कुमार धनगर, प्रदीप धनगर, अरविंद धनगर, सुनील धनगर, रवि धनगर, अनिल धनगर, सतीश धनगर, ओमवीर धनगर, राजकुमार धनगर, शेरपाल धनगर, सुमित धनगर, अमित धनगर, विनोद धनगर, जय सिंह धनगर, रामकुमार धनगर, राम मुकुट धनगर, हरपाल धनगर, मनोज धनगर, राजकुमार धनगर, आनंद धनगर के साथ सैंकड़ों लोग शामिल रहे। 

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