डीएम उमेश मिश्रा की फोटो व पहचान का दुरुपयोग कर विएतनाम नंबर से लोगों से किया गया संपर्क
मुजफ्फरनगर। जिले में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर उमेश मिश्रा के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर नागरिकों से संपर्क किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेशों और कॉल्स का वास्तविक जिलाधिकारी से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आधिकारिक खंडन जारी किया है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की ओर से जारी महत्वपूर्ण सूचना में कहा गया है कि उनकी फर्जी फोटो व पहचान का उपयोग करते हुए कुछ असामाजिक तत्व नागरिकों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रयास पूरी तरह अवैध है और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट अपील की है कि जनसामान्य किसी भी प्रकार की असत्य या अपुष्ट सूचना को न तो साझा करें और न ही उस पर विश्वास करें। साथ ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल प्रशासन के आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। प्रशासन ने बताया कि फर्जी अकाउंट बनाने वाले ने विएतनाम के नंबर का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क साधने का प्रयास किया। मामले की जांच की जा रही है और साइबर सेल को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि यदि किसी व्यक्ति को जिलाधिकारी के नाम से कोई संदिग्ध संदेश, कॉल या चौट प्राप्त हो तो इसकी तत्काल सूचना संबंधित थाने या साइबर सेल को दें, ताकि दोषियों को जल्द चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके।






