पश्चिम बंगाल अदालत बम धमकी से 6 कोर्ट खाली

पश्चिम बंगाल अदालत बम धमकी से मंगलवार दोपहर राज्य की छह जिला अदालतों में अफरा-तफरी मच गई। ई-मेल के जरिए बम प्लांट होने की सूचना मिलते ही अदालतों को तत्काल खाली कराया गया और न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। दोपहर 2 बजे तक चली तलाशी में कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। कोलकाता के सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट, बैंकशॉल कोर्ट सहित हुगली जिले के चिनसुराह, पश्चिम बर्दवान के आसनसोल व दुर्गापुर और मुर्शिदाबाद के बेरहामपुर अदालतों को यह धमकी मिली थी।

धमकी मिलते ही पुलिस ने स्निफर डॉग्स, बम डिस्पोजल स्क्वाड और विशेष सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा। सभी अदालत परिसरों की सघन जांच की गई। तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने पर यह स्पष्ट हो गया कि यह फर्जी या हूक ई-मेल था। हालांकि एहतियात के तौर पर कई अन्य अदालतों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई। यह घटना ऐसे समय हुई जब राज्य के न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभ्यास में शामिल हो रहे थे।

इसे भी पढ़ें:  चीन ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, कहा- 1 अगस्त से टैरिफ लगा तो करेंगे जवाबी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची संशोधन को लेकर उत्पन्न विवाद और अविश्वास की स्थिति में असाधारण कदम उठाया था। आदेश के तहत ओडिशा और झारखंड के कुछ न्यायिक अधिकारियों को बंगाल के लगभग 250 कार्यरत और सेवानिवृत्त जिला स्तर के न्यायाधीशों के साथ SIR प्रक्रिया में लगाया गया है। इस अभ्यास का उद्देश्य राज्य में करीब 60 लाख मतदाताओं से जुड़े विवादित दावों का समयबद्ध निपटारा करना है। दुर्गापुर कोर्ट के जिला जज देवप्रसाद नाथ ने इसे संभावित हूक बताया और कहा कि अदालत को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत खाली कराया गया।

इसे भी पढ़ें:  नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की निगाहें भारत पर टिकीं

राज्य के मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, डीजीपी पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार ने नबन्ना में बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि SIR अभ्यास किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। सुप्रीम कोर्ट पहले ही राज्य सरकार को पर्याप्त सुरक्षा देने का निर्देश दे चुका है।

पुलिस और प्रशासन ने धमकियों को गंभीरता से लेते हुए ई-मेल के स्रोत की जांच के लिए साइबर क्राइम विंग को सक्रिय कर दिया है। प्राथमिक जांच में भले ही कोई नुकसान नहीं हुआ हो, लेकिन इस घटना ने अदालत परिसरों की सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  विश्लेषकों का मानना है कि फर्जी बम धमकियां SIR प्रक्रिया को बाधित करने या न्यायिक अधिकारियों को डराने की कोशिश हो सकती हैं। राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच पहले से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के माहौल में इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची संशोधन का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और किसी भी तरह की अफवाह या धमकी से प्रक्रिया प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  भारत-रूस व्यापार संतुलन पर पुतिन का जोर, मोदी की तारीफ

पश्चिम बंगाल अदालत बम धमकी भले ही फर्जी निकली, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और न्यायिक प्रक्रिया की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि इसके पीछे किसका हाथ था।

Also Read This

अजीत राणा जिला अध्यक्ष भाजपा का देवबंद पहुंचने पर जोरदार अभिनंदन

अजीत राणा जिला अध्यक्ष भाजपा बनने के बाद जब देवबंद पहुंचे तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। शहर के कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए फूल-मालाओं, बुके और पटका पहनाकर उनका अभिनंदन किया। जीटी रोड साराय काहरान, बस अड्डा रोड नीला गेट, मंगलौर चौक समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी और अजीत राणा के स्वागत में उत्साह देखने को मिला। अजीत राणा के देवबंद पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें खेमकरण पूर्व सभासद के निवास, श्याम चौहान सभासद संजय चौहान के प्रतिष्ठान, तथा मंगलौर चौक पर जयप्रकाश के प्रतिष्ठान सहित कई स्थान शामिल रहे। हर स्थान पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते

Read More »

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन बोले – अब पड़ोसियों पर हमला नहीं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग चाहता है।सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जिन पड़ोसी देशों पर हमले हुए हैं उनसे माफी मांगना जरूरी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बताया कि सैन्य बलों को स्पष्ट आदेश दे दिया गया है।  उन्होंने कहा, “सैन्य बलों को निर्देश दिया गया है कि अब से पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न किया जाए जब तक उन पर पहले हमला न हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि

Read More »

अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर ईरान के राजदूत का बयान

अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो जाने के बाद मिडिल ईस्ट का संकट और गहरा गया है। इस घटना के बाद उनके अंतिम क्षणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।  ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई अपनी सुरक्षा के लिए किसी बंकर में नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि वे अंतिम समय तक राष्ट्रपति भवन के अपने कार्यालय में ही मौजूद रहे। राजदूत ने पश्चिमी मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि खामेनेई हमले के डर से बंकर में चले

Read More »

पुलिस पर भारी पड़ रहे युवाओं को विदेश में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठगने वाले कबूतरबाज

मुजफ्फरनगर। मीरापुर इलाके में विदेश में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह शिकायतों के बावजूद पुलिस की मेहरबानी से खुला घूम रहा है। यह गिरोह आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। कसबा मीरापुर के मौहल्ला मुश्तर्क निवासी तस्लीम पत्त्रि ईददू उर्फ फारुख ने जनसुनवाई और थाने में दी तहरीर में बताया कि करीब 11 माह पूर्व उसके पडौसी तालिब पुत्र खालिद व उसके साथी गाव कुतुबपुर निवासी प्रियांक पुत्र राजकुमार ने उसके 20 वर्षीय पुत्र वाहिद को डेढ़ लाख रुपये देकर दुबई में एक कम्पनी में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी लगवाने का लालच देते हुए उनसे डेढ़ लाख रुपये लेकर वाहिद को

Read More »

यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण में 2.80 करोड़ मतदाताओं को राहत

उत्तर प्रदेश में चल रहे यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। सुनवाई के दौरान वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रखने की अनुमति दे दी गई है। चुनाव विभाग के अनुसार राज्य में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 3.08 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।  यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत अब तक करीब 86 प्रतिशत यानी 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान उनके दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके नाम मतदाता सूची में

Read More »