किरायेदार सत्यापन अभियान में पुलिस ने पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग से किया बरामद, परिजनों को सौंपा तो भर आई आंख
मुजफ्फरनगर। चार साल पहले मैनपुरी जिले से लापता युवक मुजफ्फरनगर में एक ढाबे पर मिला। मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह अपना नाम व पता स्पष्ट नहीं बता रहा था। पुलिस ने सी-प्लान एप का उपयोग किया। इससे स्वजन से संपर्क हो गया। युवक के सकुशल मिलने पर स्वजन ने हर्ष व्यक्त किया और पुलिस का आभार जताया।
दरअसल, तितावी थाना के एसएसआई अजयपाल सिंह, उपनिरीक्षक नवनीत पुलिस टीम के साथ मंगलवार की शाम नौकरों और किराएदारों के सत्यापन अभियान में तस्दीक करने में लगे थे। इसी दौरान वह पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भगतजी ढाबे पर पहुंचे। यहां कार्य करने वाले युवक से उसकी पहचान के बारे में जब पुलिसकर्मियों ने पूछताछ शुरू की तो उसने अपना नाम शैलेंद्र उर्फ शंकर निवासी जिला मैनपुरी बताया। दरोगा नवनीत यादव भी मैनपुरी जिले के रहने वाले हैं, उन्होंने गहनता से पूछताछ करते हुए युवक शैलेंद्र से उसके घर गांव शहर के बारे में जानकारी की। शैलेंद्र उर्फ शंकर ने गांव का नाम ब्रजपुर बताया तो उसकी तस्दीक के लिए उन्होंने गांव प्रधान से सी-प्लान एप के जरिये संपर्क किया और शैलेंद्र के लापता होने की कहानी की कलई खुलती चली गई।
सीओ फुगाना नीरज कुमार ने बताया कि प्रधान के माध्यम से परिजनों से बात करने पर पता चला कि शैलेंद्र उर्फ शंकर पुत्र जगदीश चंद्र निवासी ग्राम ब्रजपुर थाना बिछवां जनपद मैनपुरी चार साल पहले लापता हो गया था। उसकी गुमशुदगी थाना बिछवां में दर्ज कराई गई थी। तब से परिवार के लोग और पुलिस उसे तलाश रहे थे। मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह अपना नाम-पता भी किसी को ठीक से नहीं बता पाता था। तस्दीक होने के बाद परिजनों को तितावी थाना बुलाकर युवक उनके सुपुर्द कर दिया गया है।
सीओ ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का सी-प्लान एप पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के लिए बनाया गया है। यह एप खासतौर पर पुलिसकर्मियों और हर गांव से चुने गए 10 विश्वसनीय लोगों के लिए है, ताकि उन्हें सूचनाएं आसानी से मिलें और वे तुरंत कार्रवाई कर सकें। इस एप को डायल-112 सेवा से भी जोड़ा गया है, ताकि आपात स्थिति में संभ्रांत व्यक्ति सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें। यह ऐप केवल पुलिस के आंतरिक और आधिकारिक उपयोग के लिए है, आम जनता इसे डाउनलोड नहीं कर सकती।






