सौ साल पुरानी पीस लाइब्रेरी को पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने कराया ध्वस्त

Update: 2020-10-07 08:13 GMT

मुजफ्फरनगर। सौ साल पुरानी पीस लाइब्रेरी के भवन को आज नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने जेसीबी चलवाकर ध्वस्त करा दिया। पालिकाध्यक्ष बोर्ड मीटिंग में पारित हुए प्रस्ताव और सभासद अरविन्द धनगर द्वारा उठाई गई मांग पर मीटिंग के तुरन्त बाद पूरा लाव लश्कर लेकर पीस लाईब्रेरी पहुंची और अंग्रेजीकाल की इस बिल्डिंग को ध्वस्त कराने का काम शुरू करा दिया। वह बिल्डिंग के बिस्मार होने तक मौके पर ही मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि अब इस भूमि का डवलप शहर के लोगों को रोजगार देने के साथ ही पालिका प्रशासन की आय बढ़ाने के लिए किया जायेगा। यहां पर बहुमंजिला मल्टी परपज काम्पलेक्स बनाने की योजना है।

बता दें कि पीस लाइब्रेरी पर शाॅपिंग माॅल बनाने का प्रस्ताव पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल लेकर आई और इस कार्ययोजना को उनके द्वारा तेजी से आगे बढ़ाया गया, लेकिन उनके विरोधी सभासदों ने इसका भी विरोध शुरू कर दिया था। इसके बावजूद पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने पीस लाइब्रेरी की लीज को निरस्त कराते हुए इसके ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भी पारित करा लिया था। अब पालिका प्रशासन के द्वारा पीस लाईब्रेरी का ध्वस्तीकरण कार्य प्रारम्भ नहीं करने पर सभासदों ने नाराजगी जताई है और यह मुद्दा 7 अक्टूबर की बोर्ड बैठक में उठाने की तैयारी में जुट गये थे और आज वार्ड 13 के सभासद अरविन्द धनगर ने बोर्ड मीटिंग में यह मुद्दा उठाते हुए पालिका सदन से पीस लाइब्रेरी के लिए पूर्व में पारित हो चुके प्रस्तावों पर अमल कराने और आज ही भवन का ध्वस्तीकरण कराने की मांग की, जिस पर बोर्ड में सर्वसम्मति बनने के बाद पालिकाध्यक्ष अंजू अ्रवाल पूरे एक्शन में नजर आयी। सभासद अरविन्द धनगर ने बताया कि तत्कालीन सिटी बोर्ड द्वारा नगरवासियों के लिए पीस लाईब्रेरी एसोसिएशन को लाईब्रेरी हेतु 5104 वर्ग फुट भूमि लीज पर दी गई थी, जिसका अनुबंध म्युनिसिपल बोर्ड मुजफ्फरनगर व पीस लाईब्रेरी एसोसिएशन के मध्य 13 फरवरी 1941 को हुआ था। अनुबंध के अनुसार पीस लाईब्रेरी एसोसिएशन को 5104 वर्ग फुट भूमि 1 रुपए वार्षिक की दर से लीज की गई थी, लेकिन यह 1 रुपये वार्षिक शुल्क भी पीस लाईब्रेरी एसोसिएशन की ओर से पालिका कोष में जमा नहीं कराया गया। इतनी भूमि बेवजह ही खंडहर हो रही थी। इसके लिए उनके द्वारा प्रस्ताव दिया गया था कि यहां पर व्यवसायिक बिल्डिंग बनाकर पालिका की आय बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल द्वारा पीस लाईब्रेरी व इसके पीछे के पालिका क्वार्टर, नेहरू चिकित्सालय में खाली पडी पालिका भूमि समस्त भूमि को सम्मिलित करते हुए जनहितार्थ अन्डर ग्राउंड पार्किंग स्थल, बहुमंजिला लिफ्ट युक्त आधुनिक काम्पलैक्स और आधुनिक कम्प्यूटराईज लाईब्रेरी का निर्माण कराए जाने के लिए स्वीकृती दी थी और 16 जनवरी 2019 में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 62 स्वीकार किया गया।

इसके बाद पीस लाईब्रेरी एसोसिएशन के सैकेट्री सुशील कुमार को 15 दिन की अवधि में भवन को खाली करने के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन उनके द्वारा पीस लाईब्रेरी खाली न करते हुए पत्राचार कर अनेक बहाने बनाये गये थे, जिसको पालिका प्रशासन ने बेवजह माना और 24 जुलाई की बोर्ड मीटिंग में पीस लाईब्रेरी का रखरखाव सहीं प्रकार से न होने, बिल्डिंग जर्जर हालत में होने और कभी भी गिरने की आशंका को देखते हुए इसके ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव पारित कराया था। लेकिन दो माह बाद भी पालिका प्रशासन की ओर से पीस लाईब्रेरी के ध्वस्तीकरण का कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है, वह इस मामले में 7 अक्टूबर की बोर्ड बैठक में अपनी बात रखेंगे। इसके साथ ही भाजपा सभासद हनी पाल और अमित कुमार उर्फ बाॅबी ने भी पीस लाईब्रेरी में शाॅपिंग माॅल का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग उठाते हुए कहा कि इससे पालिका प्रशासन की आय में वृ(ि होगी तो शहर के विकास को भी गति मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे।

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