सरधना के मंच से खुला पुराना हिसाब, पश्चिमी यूपी सियासत फिर क्यों उबल रही है?
पश्चिमी यूपी में सरधना राजनीतिक विवाद अब फुसफुसाहट नहीं रही, खुली बोली बन चुकी है। 29 मार्च के सकौती कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि 2027 का रास्ता सिर्फ भाषणों से नहीं, जातीय भरोसे, पुराने अपमान और नए गठजोड़ों से तय होगा। मंच पर महाराजा सूरजमल की प्रतिमा थी, लेकिन सियासत की असलियत उस…
