टिहरी। मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए फारेंसिक जांच यूनिट को भेजा गया है। दोनों आरोपियों को 25 दिसंबर को न्यायालय में पेश किया जाएगा। भिलंगना ब्लाक के लसियाल गांव में छोटे भाई के साथ मारपीट कर उसके दोनों हाथ कटवाने के आरोप में पुलिस ने आरोपी भाई और भाभी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए फारेंसिक जांच यूनिट को भेजा गया है। दोनों आरोपियों को 25 दिसंबर को न्यायालय में पेश किया जाएगा। बालगंगा तहसील के लसियाल गांव निवासी पीड़ित अंग्रेज सिंह बिष्ट ;25द्ध ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 20 दिसंबर की रात को महाराष्टन्न् से गांव पहुंचे उसके बड़े भाई पूरब सिंह और भाभी अंजलि ने उसके कमरे में आकर मारपीट की। जब पीड़ित ने भागने का प्रयास किया तो भाई ने दरवाजे पर खड़ी भाभी से चाकू लेकर हमला कर दिया। इससे उसके दोनों हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गए। बमुश्किल उसने भागकर जान बचाई। पीड़ित ने बताया कि मदद के लिए वह रात को ही गांव में रह रहे नेपालियों के घर में गया। फिर सुबह होने पर मदद के लिए चाचा के घर गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उसके बाद वह दिनभर घर में रहा। शाम को उसका भाई पूरब सिंह ही उसे बेलेश्वर अस्पताल ले गया। पीड़ित ने बताया कि डाक्टर ने कहा कि एक हाथ बच सकता है, उन्होंने मरहम पट्टी कर पिलखी भेज दिया, लेकिन पिलखी से उसे हायर सेंटर भेज दिया गया। उसे ऋषिकेश के एक बड़े अस्पताल में ले जाया गया, वहां डाक्टर से हाथ बचाने की अपील की लेकिन जब होश में आया तो दोनों हाथ काट दिए गए थे। पीड़ित का कहना है कि उसका परिवार में किसी के साथ कोई झगड़ा नहीं है। थानाध्यक्ष अजय कुमार जाटव ने कहा कि पीड़ित की ओर से दी गई नामजद तहरीर के आधार पर आरोपी भाई पूरब सिंह और भाभी अंजलि को गिरफ्तार कर लिया गया है।

चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट: अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत पीछे नहीं हटेगा
नई दिल्ली। ईरान के चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट में भारत की भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत इस परियोजना से बाहर निकल सकता है। हालांकि, भारत सरकार ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि चाबहार पोर्ट से पीछे हटना कोई विकल्प नहीं है, भले ही अमेरिकी प्रतिबंधों में दी गई छूट की समय सीमा समाप्त होने के करीब हो। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए वॉशिंगटन के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। विदेश





