मेरठ के दौराला शराब कांड में पुलिस जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस अब इस मामले को सिर्फ संदिग्ध शराब पीने की घटना नहीं मान रही, बल्कि कथित साजिश के एंगल से भी देख रही है। जांच में मृतक अंकित की बहन और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है, और पुलिस के मुताबिक भाई को निशाना बनाने की योजना में शराब में जहर मिलाने की बात सामने आई है।
मामला 3 अप्रैल की शाम का है। पुलिस के अनुसार बाबूराम, जितेंद्र और अंकित उर्फ दौलत ने दौराला इलाके में शराब पी थी। शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ी, उन्हें उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, फिर अस्पताल ले जाया गया। वहां दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि तीसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शुरुआती स्तर पर आशंका जहरीली शराब की थी, लेकिन उसी बिंदु पर जांच अटक गई, क्योंकि उसी बैच की दूसरी बोतलों से ऐसी शिकायत सामने नहीं आई।
शराब की बोतल से शक हटते ही कहानी पलटी
प्रशासन की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि शराब अधिकृत दुकान से खरीदी गई थी और पहली नजर में उसकी क्वालिटी या एक्सपायरी को मौत की वजह साबित नहीं किया जा सका। इसी वजह से पुलिस ने दायरा बढ़ाया। बाद की जांच में संदेह परिवार के भीतर तक पहुंचा, क्योंकि पुलिस को लगा कि मामला सिर्फ शराब खराब होने का नहीं है। यहीं से मृतक अंकित की बहन और उसके प्रेमी पर शक गहराया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह दावा सामने आया कि बहन अपने भाई से नाराज थी, क्योंकि उसे उसके प्रेम संबंध की जानकारी हो गई थी और वह इस रिश्ते का विरोध कर रहा था। इसी विवाद के बीच भाई को रास्ते से हटाने की कथित योजना बनाई गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि जहर कहां से आया, शराब में कैसे मिलाया गया और क्या यह पूरी वारदात पहले से सोची-समझी थी।
भाई था निशाने पर, लेकिन तीन चिताएं उठीं
इस पूरे मामले का सबसे दर्दनाक हिस्सा यही है कि पुलिस के अनुसार निशाना एक व्यक्ति था, लेकिन शराब साझा करने के कारण दो और लोग भी उसकी चपेट में आ गए। अंकित जिस वक्त शराब पी रहा था, उसी दौरान बाबूराम और जितेंद्र भी उसके साथ बैठ गए। इसके बाद तीनों की हालत एक साथ बिगड़ी। यही वजह है कि यह मामला अब साधारण आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक कथित योजना के दायरे में देखा जा रहा है, जिसके नतीजे में तीन घर उजड़ गए।






