एल मेंचो मारा गया। दुनिया के मोस्ट वांटेड ड्रग तस्करों में शामिल और लंबे समय से फरार चल रहे माफिया को मेक्सिको की सेना ने जलिस्को राज्य के टापालपा शहर में एक बड़े सैन्य अभियान में मार गिराया। गिरफ्तारी के लिए चलाए गए ऑपरेशन के दौरान हुई खूनी मुठभेड़ में वह घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। मौत की पुष्टि होते ही मेक्सिको के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी। मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन की पुष्टि की है। एल मेंचो की मौत के बाद सीजेएनजी के सदस्यों ने बदले की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कौन था एल मेंचो?
59 वर्षीय नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांतेस उर्फ एल मेंचो जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल के संस्थापक और सरगना थे। यह संगठन अमेरिका और मेक्सिको दोनों देशों की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर था। वह पहले मैक्सिको पुलिस में अधिकारी रह चुका था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में उतर गया। वर्ष 2010 के आसपास उसने जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल की स्थापना की, जो आगे चलकर मैक्सिको का सबसे शक्तिशाली और हिंसक आपराधिक संगठन बन गया। यह कार्टेल कोकीन, मेथमफेटामाइन और खासकर फेंटानिल जैसे घातक ड्रग्स की तस्करी में शामिल था, मुख्य रूप से अमेरिका में। देखते ही देखते एल मेंचो अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर बन गया।
एल मेंचो मारा गया: 125 करोड़ का था इनाम
अमेरिकी सरकार ने उसे पकड़वाने के लिए 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था। मैक्सिकन पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजेएनजी ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर ड्रग्स सप्लाई की, जिससे हजारों मौतें हुईं। संगठन पर सुरक्षाबलों पर हमले, हेलीकॉप्टर गिराने, सरकारी अधिकारियों पर हमले और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से खूनी जंग के आरोप भी लगे।
एल मेंचो मारा गया: ट्रंप ने क्या कहा?
मेक्सिको सेना के इस ऑपरेशन पर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अमेरिका ने मेक्सिको सरकार को इंटेलिजेंस सपोर्ट दिया ताकि वे जलिस्को, मेक्सिको के तलपालपा में एक ऑपरेशन में मदद कर सकें, जिसमें नेमेसियो ‘एल मेंचो’ ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जो एक बदनाम ड्रग लॉर्ड और जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल का लीडर था, खत्म हो गया। ‘एल मेंचो’ हमारे देश में फेंटानिल के टॉप ट्रैफिकर्स में से एक होने के कारण मैक्सिकन और यूनाइटेड स्टेट्स सरकार का टॉप टारगेट था।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले साल, प्रेसिडेंट ट्रंप ने सही ही जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल को एक फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन बताया था, क्योंकि यह असल में यही है। इस ऑपरेशन में, कार्टेल के 3 और मेंबर मारे गए, 3 घायल हुए और 2 को गिरफ्तार किया गया।
प्रेसिडेंट ट्रंप ने बहुत साफ कहा है अमेरिका यह पक्का करेगा कि हमारे देश में जानलेवा ड्रग्स भेजने वाले नार्कोटेररिस्ट को उस इंसाफ का सामना करना पड़े जिसके वे लंबे समय से हकदार हैं। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन मैक्सिकन मिलिट्री की भी तारीफ करता है और इस ऑपरेशन को उनके सहयोग और सफल तरीके से पूरा करने के लिए उन्हें धन्यवाद देता है।” ऑपरेशन के दौरान कार्टेल के 3 सदस्य मारे गए, 3 घायल हुए और 2 को गिरफ्तार किया गया। एल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको के कई राज्यों में आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। देशभर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।





