नई दिल्ली- अदालत ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि किस हद तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट को संबंधित व्यक्ति के साथ साझा किया जा सकता है। इसके बाद पीठ ने मामले पर सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए टाल दी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पेगासस जासूसी मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि वे ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करेंगे, जो देश की सुरक्षा और सुप्रभुता से जुड़ी हो। हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि वे निजता के उल्लंघन की व्यक्तिगत आशंकाओं पर विचार कर सकता है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर सड़कों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि ‘कोई भी रिपोर्ट, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी हो, उसे छुआ नहीं जाएगा, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर अगर कोई यह जानना चाहता है कि वह रिपोर्ट में शामिल है या नहीं, उसे इसकी जानकारी दी जा सकती है। लेकिन रिपोर्ट को ऐसा दस्तावेज नहीं बनाया जाएगा कि सड़कों पर भी इसकी चर्चा हो।’ अदालत ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि किस हद तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट को संबंधित व्यक्ति के साथ साझा किया जा सकता है। इसके बाद पीठ ने मामले पर सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए टाल दी।

अनिल अंबानी का 3716 करोड़ का अबोड घर जब्त, ईडी की बड़ी कार्रवाई
मुंबई में अनिल अंबानी का अबोड घर जब्त कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरकॉम से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की है। ईडी के अनुसार, यह अटैचमेंट पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से किया गया। मुंबई स्थित ‘अबोड’ नामक यह मल्टी-स्टोरी लग्जरी आवास अनिल अंबानी का प्रमुख निवास माना जाता है। इसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अनिल अंबानी का अबोड घर क्यों जब्त किया गया? ईडी का दावा है कि यह संपत्ति आरकॉम द्वारा बैंकों से लिए गए बड़े कर्ज से जुड़े कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसे भी पढ़ें: पांच रूपये के गुटके में हर दाने





