नईदिल्ली। नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम देश की अर्थव्यव्सथा पर टिप्पणी की है। नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि मैं हम चैथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम 4 टिन्न्लियन डालर की अर्थव्यवस्था हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने आगे क्या कहा, आइए जानते हैं विस्तार से। नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम देश की अर्थव्यव्सथा पर टिप्पणी की है। नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि मैं हम चैथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम 4 टिन्न्लियन डालर की अर्थव्यवस्था हैं, और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ का डेटा है। भारत आज जापान से बड़ा है। केवल संयुकत राज्य अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं। अगर हम जो सोचा जा रहा है, उस पर टिके रहते हैं, तो अगले 2.5 से 3 वर्षों की बात है, हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। सुब्रहण्यम ने कहा, ष्भारत एक ऐसे चरण में है, जहां यह बहुत तेजी से विकास कर सकता है, जैसा कि अतीत में कई देशों ने किया है। भारत को अगले 20 से 25 वर्षों के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश का वरदान मिला है, जिससे हम तेजी से विकास कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से अपने स्तर पर विजन दस्तावेज तैयार करने का आव्हान किया है। इसमें भारत के विकास का खाका पहले से ही दिख रहा है। नीति आयोग के प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने राज्यों से विकसित भारत का आह्वान इसलिए किया है, क्योंकि यह एक लंबी यात्रा है। जितेंद्र सिंह बोले- पीएम मोदी को धन्यवाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि भारत जापान से आगे निकलकर दुनिया की चैथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ने एक तेज कदम बढ़ाया है, एक बड़ी छलांग लगाई है! इसे संभव बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद।

नई मंडी में जर्जर टेलीफोन खंभा बना खतरा, हादसे की आशंका
गौशाला रोड पर झुका निष्प्रयोज्य खंभा, विद्युत केबल बंधे होने से करंट फैलने का भी डर मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र की व्यस्ततम गौशाला रोड पर विभागीय लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गौशाला के बाहर शौचालय के समीप लगा टेलीफोन का जर्जर और निष्प्रयोज्य खंभा लंबे समय से सड़क की ओर झुका हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें: राइस मिल का ड्रायर फटा, पांच मजदूरों की दम घुटने से मौतस्थानीय लोगों का कहना है कि खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है और मुड़ने के कारण कभी भी सड़क





