मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री राजकुमार यादव ने कहा कि इस चुनाव में भाजपा के राम मंदिर मुद्दे और धर्म आधारित चुनाव प्रचार को जनता ने सिरे से खारिज किया है। ये सच्चाई और बुराई के बीच चुनाव था। दस साल में तानाशाही की गई है। इसी से नाराज जनता ने तानाशाह को अल्पमत में लाकर खड़ा कर दिया है। यूपी की जनता ने इन लोगों के खिलाफ बड़ा जनादेश दिया है। मंदिर मुद्दा पूरी तरह से नाकाम हुआ है, चुनाव परिणाम इसक प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि अयोध्या की सीट भी भाजपा हारी है। कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर पराजित हुए हैं। मुजफ्फरनगर सीट पर अहंकार को पराजय मिली है। सपा के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में यूपी में ये बड़ी जीत मिली है। हम उनके आभारी हैं कि उन्होंने इस चुनाव में हमें हरेन्द्र मलिक जैसा मजबूत जनाधार वाला प्रत्याशी देने का काम किया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई 27 फरवरी को
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अग्रिम जमानत सुनवाई शुक्रवार 27 फरवरी को निर्धारित की गई है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी की अग्रिम जमानत याचिका पर यह सुनवाई विशेष न्यायालय में होगी। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में होगी। अदालत ने पूर्व में 27 फरवरी की तिथि तय की थी। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा एक तथाकथित धर्मगुरु की ओर से नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा विशेष न्यायालय के आदेश पर पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया। आरोप है कि नाबालिगों





