मुजफ्फरनगर में चल रहे 165 मकतबों पर एटीएस की नजर

मुजफ्फरनगर। यूपी में अब मदरसों के बाद मकतब यानी छोटे बच्चों को दीनी तालीम देने वाले मदरसे एटीएस की रडार पर हैं। एटीएस गैर मान्यता चलने वाले मकतबों की जांच करने में जुट गई है। वेस्ट यूपी में एटीएस की खास नजर बनी है। इसके लिए मकतबों की सूची बनाकर वेस्ट यूपी के जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजकर जांच में सहयोग मांगा गया है। इसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की निदेशक ने सभी जिला मुख्यालयों को पत्र जारी करते हुए एटीएस के अभियान की जानकारी देते हुए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिये हैं। इसमें सहारनपुर मंडल के तीनों जनपदों के 473 मकतबों को जांच की राडार पर रखा गया है। इसमें मुजफ्फरनगर जनपद में चल रहे 165 मकतबों को हो रही फंडिंग की जांच का काम किया जायेगा। इनमें से कुछ मकतब मस्जिदों में भी चलाये जा रहे हैं। इनके जिम्मेदारों से पूछताछ के लिए एटीएस ने पूरा प्लान तैयार करते हुए टेरर फंडिंग पर आधारित सवालों की पूरी फेहरिस्त बनाई है।

यूपी की भाजपा सरकार में मदरसों की निगरानी को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बनी। नेपाल सीमा से सटे अवैध मदरसे सरकार की राडार पर रहे। सितम्बर 2023 में कराए गए सत्यापन में 491 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिलने के बाद सरकार ने इन मदरसों के संचालन के लिए हो रही फंडिंग और अन्य मामलों की जांच एटीएस को सौंप दी थी। इसके साथ ही यूपी में सभी मदरसों का सत्यापन कराया जाने लगा। सत्यापन में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लगभग 30 से 35 सालों से कई मदरसे अवैध रूप से चलते मिले। इन मदरसों को मिलने वाली फंडिंग का ब्यौरा मांगा गया तो आवामी चंदे की बात कहकर संचालकों ने किनारा कस लिया। इसके बाद शासन ने पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। रिपोर्ट में मदरसों की फंडिंग की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण इनको बंद करने की सिफारिश कर दी गई।

इसे भी पढ़ें:  कांशीराम कालोनी में मंत्री कपिल देव ने सुगागिनों को बांटी साडी

इसके बाद मदरसों के साथ ही अब मकतबों को भी जांच के दायरे में लाकर इनकी जांच का जिम्मा एटीएस को सौंपा गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की निदेशक जे. रीभा ने 21 अक्टूबर को जिला मुख्यालय को पत्र भेज कर जांच के सम्बंध में जानकारी दी। पत्र में उनके द्वारा बताया गया है कि एटीएस के एडीजी ने पिछले दिनों विभाग को पत्र भेजते हुए प्रदेश में चल रहे मकतबों की जिला वार सूची उपलब्ध कराई है। इसमें बताया गया कि एटीएस शासन के निर्देशानुसार इन मकतबों की जांच करने का कार्य कर रही है। ऐसे में मकतब के संचालन और अब तक उनके पंजीकरण न होने और उनको संचालन के लिए हो रही फंडिंग के स्रोत समेत अन्य बिंदुओं की जांच में एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक को सहयोग देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें निदेशक ने सभी जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को एटीएस जांच दल को पूर्ण सहयोग करने के लिए कहा है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। सहारनपुर मंडल के तीनों जनपदों में 473 मकतब संचालित होने की सूची एटीएस ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दी है। इनमें सहारनपुर के 118, शामली 190 और मुजफ्फरनगर के 165 मकतबों की सूची एटीएस लखनऊ ने बनाकर इनकी जांच में सहयोग मांगा है। जनपद मुजफ्फरनगर में एटीएस के जल्द जांच शुरू करने की उम्मीद है। इसमें जिलों में एटीएस टीम के पहुंचने के बाद बारी-बारी से सभी के आय के स्त्रोतों की पड़ताल करने का काम शुरू किया जायेगा। कुछ मिलों में जांच का यह कार्य प्रारम्भ भी कर दिया गया है।

इसे भी पढ़ें:  ईओ प्रज्ञा सिंह की गाड़ी का अभी नहीं छूटा पीछा, सभासद ऊपर जाने को तैयार

बता दें कि मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संचालित कई मदरसों में फंडिंग आदि को लेकर सवाल उठता रहा है। जांच एजेंसियों के निशाने पर कई मदरसे समय-समय पर आते रहे हैं। लेकिन, यह पहली बार है कि मकतब के फंडिंग की भी जांच एटीएस द्वारा की जा रही है। कई मस्जिदों में भी दीनी तालीम दी जाती है, दीनी तालीम के इन्हीं केंद्रों को मकतब कहा जाता है। इसी को लेकर पहली बार देखने में आया है कि एटीएस को इन दीनी तालीम केंद्रों को लेकर भी इस तरह का इनपुट प्राप्त हुआ है, जिसके बाद सभी मकतबों की जांच का निर्णय लिया है। जिला अल्पसंख्घ्यक कल्याण अधिकारी मैत्री रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश भर में मदरसों के लिए की गई फंडिंग और अन्य मामलों में एटीएस की ओर जांच करीब एक साल से चल रही है। अब इसमें मकतब की जांच का भी निर्णय लिया गया है। एटीएस की ओर से जनपद में 165 मकतब की सूची विभाग को मिली है। इसमें एटीएस की टीम द्वारा जांच के लिए सहयोग मांगा गया है। विभागीय स्तर पर उनको जांच के लिए हर संभव मदद और व्यवस्था प्रदान की जायेगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर निदेशक के दिशा निर्देश भी प्राप्त हुए हैं। 

इसे भी पढ़ें:  मुठभेड में चोरी करने वाला बदमाश गिरफ्तार

Also Read This

अनिल अंबानी का 3716 करोड़ का अबोड घर जब्त, ईडी की बड़ी कार्रवाई

मुंबई में अनिल अंबानी का अबोड घर जब्त कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरकॉम से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की है। ईडी के अनुसार, यह अटैचमेंट पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से किया गया। मुंबई स्थित ‘अबोड’ नामक यह मल्टी-स्टोरी लग्जरी आवास अनिल अंबानी का प्रमुख निवास माना जाता है। इसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अनिल अंबानी का अबोड घर क्यों जब्त किया गया? ईडी का दावा है कि यह संपत्ति आरकॉम द्वारा बैंकों से लिए गए बड़े कर्ज से जुड़े कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसे भी पढ़ें:  ईओ प्रज्ञा सिंह की गाड़ी का अभी

Read More »

देवबंद फ्लैग मार्च में पुलिस रही पूरी तरह सतर्क

देवबंद फ्लैग मार्च के माध्यम से रमजान, होली व अन्य त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सीओ अभितेष सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी अमर पाल शर्मा ने पैरा मिलिट्री फोर्स और स्थानीय पुलिस बल के साथ नगर के विभिन्न मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। इसे भी पढ़ें:  मुठभेड में चोरी करने वाला बदमाश गिरफ्तारफ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल ने मुख्य बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की। इस दौरान आमजन को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था

Read More »

देवबंद: दारुल उलूम क्षेत्र में सफाईकर्मी से मारपीट का आरोप

देवबंद। देवबंद (सहारनपुर) में बुधवार को देवबंद में सफाई कर्मचारी से मारपीट का मामला सामने आया। घटना दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र की है, जहां सफाई कार्य के दौरान विवाद हो गया। पीड़ित पक्ष ने खानकाह पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सफाई नायक सदाकत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बुधवार सुबह सफाई कर्मचारी सचिन दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र में सफाई कर रहा था। इसे भी पढ़ें:  पांच दुकानों पर छापा, घेवर, बर्फी, खोया सहित आठ नमूने भरेइसी दौरान एक युवक ने सफाई सही ढंग से न करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। देवबंद में सफाई कर्मचारी से मारपीट कैसे हुई? तहरीर के अनुसार, जब

Read More »

कानपुर : पीएसआईटी कॉलेज हंगामा, तोड़फोड़ और नारेबाजी

कानपुर : पीएसआईटी कॉलेज हंगामा ने बुधवार को सचेंडी क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। दबौली निवासी 21 वर्षीय छात्र प्रखर सिंह की जेसीबी से टकराकर मौत के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने क्लासरूम में तोड़फोड़ की और कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। जेसीबी से टकराकर प्रखर सिंह की मौत घटना सचेंडी स्थित पीएसआईटी कॉलेज से जुड़ी है। बताया गया कि दबौली के रहने वाले प्रखर सिंह (21 वर्ष) की जेसीबी से टकराने के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। उनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन ने मामले में संवेदनशीलता

Read More »

सरधना दौलतपुर छेड़छाड़ मामला, आरोपी फरार

सरधना दौलतपुर छेड़छाड़ मामला में एक दबंग युवक द्वारा महिला के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ और विरोध करने पर मारपीट करने का मामला सामने आया है। जब महिला के पति ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने ईंट से हमला कर दिया और हत्या की धमकी देकर फरार हो गया। पीड़ित पक्ष ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़ का आरोप घटना दौलतपुर गांव की है। पीड़िता के पति के अनुसार, दो दिन पूर्व वह घर से बाहर गया हुआ था और घर पर उसकी पत्नी अकेली थी। शाम करीब सात बजे गांव का ही एक दबंग युवक

Read More »

18 लाख लाइक रस्सी कूद चैलेंज में फंसा 7 साल का बच्चा

18 लाख लाइक रस्सी कूद चैलेंज ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। चीन में एक पिता ने अपने 7 साल के बेटे निकनेट टैंगडो को वीडियो पर मिलने वाले लाइक्स के बदले उतनी बार रस्सी कूदने का चैलेंज दे दिया। लेकिन जब वीडियो पर 18 लाख 30 हजार से ज्यादा लाइक्स आ गए, तो मामला उल्टा पड़ गया और बच्चा घबरा गया। इसे भी पढ़ें:  मुठभेड में चोरी करने वाला बदमाश गिरफ्तारलाइक के बदले रस्सी कूदने का अनोखा चैलेंज निकनेट टैंगडो की उम्र सिर्फ 7 साल है। उसका वजन 45 किलो और लंबाई 4.3 फीट बताई गई है। चीन के मापदंडों के अनुसार, उसका वजन सामान्य से 19

Read More »