पुरबालियान में गन्ना समिति चुनाव को लेकर भाकियू-भाजपा समर्थकों में हाईटेंशन ड्रामा

मुजफ्फरनगर। जनपद में आठ सहकारी गन्ना विकास समितियों में सामान्य निकाय के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रहा है। दूसरे चरण के लिए सात समितियों में 31 डायरेक्टर पदों पर बुधवार को चुनाव सम्पन्न हुआ है। ऐसे में एक एक वोट को लेकर डायरेक्टर पद के लिए चुनावी जोरआजमाइश में डटे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच जमकर खींचतान होती नजर आई। इस बीच पूर्व राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के परिवार के दबदबे वाली सहकारी गन्ना विकास समिति मन्सूरपुर में डायरेक्टर के एक पद पर हुए चुनाव में बड़ा संघर्ष हो गया। यहां पर भाकियू और भाजपा समर्थक आमने सामने चुनाव मैदान में उतरे हैं। ऐसे में वोटरों के रूप में डेलीगेट को अपने पक्ष में करने के लिए दोनों गुटों के समर्थकों में आमने सामने संघर्ष हो जाने से घंटों तक हाईटेंशन ड्रामा चला, जिसने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ाकर रख दी। आनन फानन में फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे सीओ और एसडीएम खतौली ने मामला संभाला तथा मतदान सम्पन्न कराया।

सहकारी गन्ना विकास समिति मन्सूरपुर में सभापति पद पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान का परिवार पूरी तरह से सक्रिय रहा है। यहां पर इनके परिवार का पूरा दबदबा बना हुआ नजर आया है। उनके तहेरे भाई अरुण बालियान तीन बार इस समिति में सभापति रहे हैं। नियमों के हिसाब से इस बार वह चुनाव नहीं लड़ सकते थे। ऐसी स्थिति में पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान के दूसरे तहेरे भाई स्वर्गीय जितेन्द्र कुमार की पत्नी आरती को चुनाव मैदान में उतारा गया। वो धनायन सर्किल से निर्विरोध डायरेक्टर चुनी जा चुकी हैं। बताया गया कि मन्सूरपुर सहकारी समिति के लिए 11 डायरेक्टर हैं, जिनमें से आरती सहित दस डायरेक्टर पदों पर निर्विरोध निर्वाचन सम्पन्न हो गया, लेकिन बहादुरपुर सर्किल के डायरेक्टर पद पर डॉ. संजीव बालियान के समर्थक प्रत्याशी सतेन्द्र कुमार के सामने भाकियू नेता श्यामपाल चेयरमैन ने अपना समर्थक प्रत्याशी मरगूब निराना उतार दिया था। नामांकन के बाद आपसी सहमति बनाने के लिए भी प्रयास हुए, लेकिन बात नहीं बन सकती और बुधवार को बहादरपुर सर्किल के डायरेक्टर पद के लिए पुरबालियान गांव में बनाये गये पोलिंग बूथ पर मतदान कराया गया।

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इस सर्किल में 12 डेलीगेट मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। बताया गया कि इनमें से अधिकांश मतदाता भाकियू नेता श्यामपाल के समर्थक रहे। श्यामपाल खुद अपने समर्थक प्रत्याशी मरगूब के लिए चुनाव एजेंट बनकर बूथ पर तैनात रहे। इन्हीं मतदाताओं की खींचतान को लेकर यहां पर सवेरे भाकियू और भाजपा समर्थकों में आमने सामने विवाद पैदा हो गया। आरोप है कि एक दूसरे को हटाने के लिए जमकर धक्का मुक्की भी हुई। बूथ पर हंगामा और हाथापाई होने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सीओ राम आशीष यादव और एसडीएम खतौली मोनालिसा जौहरी, मन्सूरपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश रोरिया भारी पुलिस बल के साथ गांव पुरबालियान में बने पोलिंग बूथ पर पहुंचे और झगड़ते लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद अफसरों ने अपनी मौजूदगी में ही वोटिंग कराई। सभी 12 डेलीगेट ने अपना गुप्त मतदान भारी सुरक्षा बंदोबस्तों के बीच किया। मन्सूरपुर एसएचओ उमेश रोरिया ने बताया कि पुरबालियान के पोलिंग बूथ पर गन्ना समिति के डायरेक्टर पद के लिए हो रहे चुनाव के दौरान 15-20 बाहरी लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इस सूचना पर फोर्स के साथ वो मौके पर पहुंचे और बाद में सीओ तथा एसडीएम भी फोर्स लेकर आ गये थे। बाहरी लोगों को पोलिंग बूथ से खदेड़कर मतदान सकुशल सम्पन्न कराया गया है। किसी ने इस मामले में कोई भी शिकायत थाने पर नहीं दी है। मतगणना होने तक फोर्स और अफसर वहीं पर तैनात रहे। 

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भाकियू नेता श्यामपाल चेयरमैन समर्थक मरगूब चुनाव जीते

शाम को हुई मतगणना के बाद भी सहकारी गन्ना विकास समिति मन्सूरपुर के बहादुरपुर सर्किल के डायरेक्टर पद पर नतीजे का पेंच फंस गया। जैसा की चर्चा थी कि इस पद पर हो रहे चुनाव के 12 मतदाताओं में से भाकियू और भाजपा समर्थक मतदाताअें में छह-छह वोट शामिल हैं, वैसा ही परिणाम सामने आया। बताया गया कि चार बजे के बाद हुई मतगणना में जब बैलेट पेपर से गिनती हुई तो भाकियू नेता श्यामपाल चेयरमैन समर्थक प्रत्याशी मरगूब निराना की जीत हुई। बताया गया कि 12 वोट में से मरगूब और उनके प्रतिद्वंद्वी सतेन्द्र कुमार को छह-छह वोट मिली। इसके बाद दोनों के नाम की पर्ची डाली गई, जिसमें पर्ची से मरगूब डायरेक्टर पद के चुनाव में विजेता घोषित हुए। इसके बाद श्यामपाल चेयरमैन और उनके समर्थकों ने जश्न मनाया।

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