नई दिल्ली। बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव और गहराता जा रहा है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के यहां वीजा सेवाएं निलंबित किए जाने के फैसले पर विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुशांत सरीन का कहना है कि बांग्लादेश की वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई नहीं है और उस पर पाकिस्तान का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश सरकार छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया दे रही है, जबकि देश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा और हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं, वह बेहद चिंताजनक है।
कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा और प्रदर्शन हुए, जिनमें भारतीय मिशनों के बाहर भी उग्र विरोध देखा गया। सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश में अपने मिशनों की वीजा सेवाएं रोकीं, जिसके जवाब में बांग्लादेश ने भी भारत में वीजा सेवाएं बंद करने का ऐलान किया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सरीन ने कहा कि बांग्लादेश द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देना भ्रामक है, क्योंकि भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग की खबरें भी सामने आ रही हैं, जो भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय बन सकती हैं।





