प्रयागराज- दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले नोट मिलने के मामले में जांच के घेरे में आए जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस वर्मा ने पांच अप्रैल को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। जांच चलने के चलते उन्हें न्यायिक कार्य से अलग रखा गया था। उनके खिलाफ महाभियोग की भी तैयारी की जा रही थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। उनके दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है। दिल्ली वाले घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है।

ममता बनर्जी का दावा, असम चुनाव में बाहर से लोग लाई भाजपा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए असम चुनाव के लिए बाहरी वोटर लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के मतदाताओं पर भरोसा नहीं था, इसलिए बाहर से लोगों को वहां लाया गया। इसी दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं।” ममता बनर्जी ने यह बयान उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दिया। उनका यह हमला ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर





