मराठा आरक्षण आंदोलन में बड़ी जीत: मनोज जरांगे के संघर्ष के बाद सरकार ने जारी किया हैदराबाद गजट

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार रंग लाया। लंबे समय से संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को बड़ी जीत मिली है। राज्य सरकार ने आखिरकार हैदराबाद गजट जारी कर दिया है, जिससे मराठा समाज के लिए आरक्षण का रास्ता खुल गया है।

इसे भी पढ़ें:  प्री-बजट बैठक में भाकियू अराजनैतिक ने की कृषि बजट दोगुना कर स्वामीनाथन फॉर्मूला लागू करने पर जोर

मराठा आरक्षण की जंग आसान नहीं थी। मनोज जरांगे ने इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन किए और समाज के हक की लड़ाई लड़ी। 2021 में उन्होंने पिंपलगांव में 90 दिनों तक आंदोलन चलाया था। इसके बाद अगस्त 2023 में जालना में हुए उनके आमरण अनशन ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा। उस समय पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलन और भी जोर पकड़ गया और प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरीं।

इसे भी पढ़ें:  अमेरिकी टैरिफ का भारतीय शेयर बाजार पर असर: सेंसेक्स 657 अंक गिरा, निफ्टी 200 अंक फिसला

जरांगे का कहना है कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे मराठा समाज की है। उनका मानना है कि लगातार संघर्ष और धैर्य ने आरक्षण की राह को आसान बनाया है।

Also Read This

18 लाख लाइक रस्सी कूद चैलेंज में फंसा 7 साल का बच्चा

18 लाख लाइक रस्सी कूद चैलेंज ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। चीन में एक पिता ने अपने 7 साल के बेटे निकनेट टैंगडो को वीडियो पर मिलने वाले लाइक्स के बदले उतनी बार रस्सी कूदने का चैलेंज दे दिया। लेकिन जब वीडियो पर 18 लाख 30 हजार से ज्यादा लाइक्स आ गए, तो मामला उल्टा पड़ गया और बच्चा घबरा गया। इसे भी पढ़ें:  प्री-बजट बैठक में भाकियू अराजनैतिक ने की कृषि बजट दोगुना कर स्वामीनाथन फॉर्मूला लागू करने पर जोरलाइक के बदले रस्सी कूदने का अनोखा चैलेंज निकनेट टैंगडो की उम्र सिर्फ 7 साल है। उसका वजन 45 किलो और लंबाई 4.3 फीट बताई गई है।

Read More »

हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड में प्रिंसिपल हिरासत में

हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सलेमपुर दादूपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में हिंदी की परीक्षा के दौरान सात नकलचियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में तीन लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। यह कार्रवाई परीक्षा केंद्र पर नियमित जांच के दौरान की गई, जब एडमिट कार्ड की फोटो और परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के चेहरे का मिलान संदिग्ध पाया गया। हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड का खुलासा कैसे हुआ? हिंदी की परीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जब प्रवेश पत्रों की जांच की, तो फोटो और परीक्षार्थियों के चेहरे में अंतर

Read More »