मेरठ दरोगा रंगदारी मामला में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फरार चल रहे दोनों दरोगाओं को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों 10 फरवरी से फरार थे और कोर्ट से राहत लेने की तैयारी में थे। शुक्रवार शाम पुलिस ने एक अधिवक्ता के चैंबर से दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार को धर दबोचा। शनिवार सुबह तक दोनों को मेरठ लाया जा रहा है, जहां कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वकील के चैंबर से दबोचे गए दरोगा
मेरठ पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों दरोगा कोर्ट से राहत के लिए प्रयागराज में मौजूद हैं। सूचना मिली कि वे कचहरी में एक अधिवक्ता के पास आने वाले हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर ली और जैसे ही दोनों दरोगा चैंबर में पहुंचे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया कि दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।
मेरठ दरोगा रंगदारी मामला: इन धाराओं में दर्ज मुकदमा
दोनों दरोगाओं के खिलाफ मेरठ में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है:
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बीएनएस 2023 की धारा 308 (5): मौत का डर दिखाकर रकम वसूलना
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बीएनएस 2023 की धारा 308 (6): रंगदारी मांगना
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बीएनएस 2023 की धारा 351 (3): गंभीर धमकी देना
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7: रिश्वत लेना
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13: सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक दुराचार
कारोबारी को कार में डालकर हापुड़ ले गए
शहर के इस्लामाबाद रिक्शा रोड निवासी रासिख पुत्र स्व. इदरीस की दक्षिणी इस्लामाबाद में एमएसआरएस टैक्सटाइल नाम की फर्म है। 8 दिसंबर को नौचंदी के पास दुकान से लौटते समय आजाद रोड पर एक कार आकर रुकी। कार में मौजूद दो दरोगाओं में से एक ने रासिख को जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि उसे फंडिंग के नाम पर धमकाया गया और रासुका लगाने की चेतावनी दी गई। रासिख को हापुड़ ले जाकर हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप लगाया गया और रास्ते भर टार्चर किया गया।
50 लाख की मांग, 20 लाख पर सौदा
रासिख के अनुसार, दोनों दरोगाओं ने पहले 50 लाख रुपये की मांग की। रकम न जुटा पाने पर 20 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। रासिख ने अपने बहनोई नईम को फोन कर 14 लाख रुपये मंगवाए। आरोप है कि अलीपुर चौराहे के पास सुनसान जगह पर रकम ली गई और 6 लाख रुपये बाद में देने को कहा गया। अगले दिन 6 लाख रुपये और देने पर भी कथित रूप से एक लाख रुपये कम बताकर फिर से दबाव बनाया गया।
दिल्ली ब्लास्ट में फंसाने की धमकी
रासिख ने आरोप लगाया कि नौचंदी मैदान में रकम लेने के बाद दरोगाओं ने धमकी दी कि यदि मुंह खोला तो उसे दिल्ली ब्लास्ट में फंसा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास वीडियो है, जिसमें रासिख कथित रूप से फंडिंग की बात कबूल कर रहा है, और उसे वायरल करने की धमकी दी गई।
पुलिस कार्रवाई तेज
मेरठ दरोगा रंगदारी मामला में गिरफ्तारी के बाद अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है। यह मामला पुलिस महकमे में गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।






