साहिबजादों के बलिदान दिवस पर एक लघु फिल्म दिखाई गई। चित्र प्रदर्शन भी लगाई गई, जिसका मंत्री और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जनमानस ने भी अवलोकन किया और मुगल साम्राज्य में हुए उस जुल्म को महसूस किया
मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी के गांधीनगर स्थित जिला कार्यालय पर शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व पर सिख समाज के अमर नायक श्री गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों के अमर बलिदान वीर बाल दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चार साहिबजादों के अद्भुत शौर्य, त्याग और धर्मरक्षा के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन कर कार्यकर्ताओं के द्वारा भावनात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी पवन अरोरा ने बताया कि शनिवार को जिला कार्यालय पर वीर बाल दिवस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा सिख समाज के दसवें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों, साहिबज़ादा अजीत सिंह, साहिबज़ादा जुझार सिंह, साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह एवं साहिबज़ादा फ़तेह सिंह की अद्वितीय वीरता, धर्मनिष्ठा, त्याग और सर्वाेच्च बलिदान को याद करते हुए धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने पर नमन किया गया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जिले के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर रहे। पार्टी कार्यालय पर पहुंचने के बाद जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय है, जिन्होंने अल्पायु में ही अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध अडिग रहकर धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर पूरी दुनिया को धर्म रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वीर साहिबजादों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, कि धर्म पर सब कुछ अर्पित है। डॉ. सोमेंद्र तोमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इन चार साहिबजादों के बलिदान को चिरस्थायित्व प्रदान करने के लिए देश में की गई वीर बाल दिवस की शुरुआत को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे देशभर में बच्चों और युवाओं को वीर साहिबजादों के बलिदान से परिचित होने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जनकल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की और कहा कि मोदी-योगी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सांस्कृतिक गौरव को पुनः स्थापित किया जा रहा है।

श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान स. सतपाल सिंह मान ने कहा कि वीर साहिबज़ादों ने अत्यंत कम आयु में जिस असाधारण साहस, आत्मबल और धर्म एवं राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का परिचय दिया, वह भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सिख समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने चार साहिबजादों के बलिदान पर वीर दिवस घोषित कर सबसे बड़ा सम्मान दिया है, जिसका समाज पूरी जिन्दगी ऋणी रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि वीर साहिबज़ादों के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, साहस, अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति सर्वोच्च है। सिख गुरुओं ने बलिदान देकर धर्म को बचाने का काम किया। इस बलिदान को हम सभी अपने जीवन के मूल मंत्र के रूप में अपनाएँ तथा एक जिम्मेदार, संस्कारवान और देशभक्त नागरिक बनें। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य स. सुखदर्शन सिंह बेदी ने कहा कि मुगल बादशाहों ने धर्म परिवर्तन कराने के लिए मासूम साहिबजादों पर भयंकर जुल्म किये। वीर बाल दिवस नई पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यबोध से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। गुरुओं का संघर्ष और धर्मरक्षा का संदेश संपूर्ण मानवता को सत्य, निष्ठा एवं निर्भीकता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वीर बाल दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्र के लिए समर्पण का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे वीर साहिबजादों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएं और सिख समुदाय का देश के उत्थान तथा धर्म की स्थापना में योगदान को अतुलनीय बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। एसएलसी वन्दना वर्मा, पूर्व विधायकों अशोक कंसल, प्रमोद उटवाल और उमेश मलिक ने भी अपने विचार रखते हुए चारों साहिबजादों को नमन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सिख समाज को दिये गये सम्मान के सम्बंध में विचार रखे। कार्यकर्ताओं को साहिबजादों के बलिदान दिवस पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही भाजपा द्वारा कार्यालय पर बलिदान को दर्शाने के लिए एक चित्र प्रदर्शन भी लगाई गई, जिसका मंत्री और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जनमानस ने भी अवलोकन किया और मुगल साम्राज्य में हुए उस जुल्म को महसूस करने का प्रयास किया।
गोष्ठी में मुख्य रूप से कार्यक्रम संयोजक सुनील दर्शन, सह संयोजक अंचित मित्तल और पंकज माहेश्वरी, रक्षित नामदेव के अलावा पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, यशपाल पंवार, सुरेन्द्र देव शर्मा, डॉ. पुरुषोत्तम, प्रदीप सैनी, शरद शर्मा, डॉ. सुभाष चंद शर्मा, विजय सैनी, अभिजीत सिंह गंभीर, अजित सिंह मलिक, हरजिंद सिंह चावला, देवेन्द्र सिंह चडढा, मांटू चावला, राजू अहलावत, संजय गर्ग, अभिषेक चौधरी, प्रवीण खेड़ा, दीपक मित्तल, पुरोहित वाल्मीकि, अमित वत्स, सचिन सैनी, गीता जैन, ममता अग्रवाल, महेशो चौधरी, बॉबी सिंह, अमित पटपटिया, विशाल गर्ग, शोभित मित्तल, योगेश मित्तल, दिनेश पुंडीर, पिंटू त्यागी, जगदीश पांचाल, राजीव गर्ग, प्रमेश सैनी, सुधीर खटीक, नन्द किशोर, आदेश गौतम, अभिषेक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






