किसान संगठनों के खिलाफ अफसरों की मनमानी पर भड़के राकेश टिकैत, बोले-सभी किसान संगठन मिलकर करें विरोध
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में किसान संगठनों की गतिविधियों और आंदोलनों पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने के बाद माहौल एक बार फिर गरमाने लगा है। धरना-प्रदर्शन, टोल प्लाजा घेराव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले किसान नेताओं पर लगातार गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने से किसान संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व एसकेएम के वरिष्ठ नेता चौधरी राकेश टिकैत ने प्रशासनिक रवैये को कठघरे में खड़ा करते हुए सख्त बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में किसान आंदोलनों के खिलाफ लगातार की जा रही पुलिस और प्रशासनिक स्तरीय कार्रवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के वरिष्ठ नेता चौधरी राकेश टिकैत ने कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं पर दर्ज हो रहे मुकदमे पूरी तरह गलत नीति का हिस्सा हैं और अधिकारी किसानों की आपसी फूट का फायदा उठाकर मनमानी कर रहे हैं।
राकेश टिकैत ने जिले के अफसरों को सीधे चेताते हुए कहा कि सारे किसान संगठन मिलकर इन अफसरों का इलाज भर दो। यह बेलगाम अफसर किसान संगठनों की आवाज दबाने में लगे हैं। ऐसे समय में किसान एकजुट होकर ही इनकी गलत नीतियों का जवाब दे सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को रोकने के लिए मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है। कई बार थानों पर लाठीचार्ज तक हो चुके हैं, जो किसान हितों के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
उल्लेखनीय है कि पानीपतदृखटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जागाहेड़ी टोल प्लाजा को घेरने के मामले में भारतीय किसान यूनियन तोमर के पदाधिकारियों के खिलाफ तितावी थाने में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस कार्रवाई को किसान संगठन राजनीतिक दबाव में की गई कार्यवाही बता रहे हैं। फैक्ट्रियों में आरडीएफ के नाम पर लाए जा रहे नगरपालिका के सॉलिड वेस्ट के विरोध के दौरान, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय का घेराव किया था। इस मामले में थाना सिविल लाइन में हाल ही में चार बड़े पदाधिकारियों सहित 400 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
इससे पहले भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं पर नई मंडी थाने में घेराव और धरना देने के दौरान लाठीचार्ज हो चुका है। साथ ही कई किसानों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे, जिससे किसान संगठनों के अंदर रोष और बढ़ गया है। इन लगातार हो रही कानूनी कार्रवाइयों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के खिलाफ एक मुट्ठी बनकर खड़ा होना ही किसानों के हितों की रक्षा कर सकता है। टिकैत का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे साफ तौर पर किसानों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों को तानाशाही बताया रहे हैं और संगठनों को एक मंच पर आने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।






