पशु तस्करों पर पुलिसिया प्रहार, 90 करोड़ की अवैध संपत्ति चिन्हित

पुलिस ने पशु तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क पर सख्ती दिखाते हुए कुल 23 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर जिले में पशु तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब बुढ़ाना पुलिस ने तीन कुख्यात पशु तस्करों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई लगभग 90 करोड़ रुपये की संपत्ति को चिन्हित कर लिया। पुलिस जांच में यह संपत्ति संगठित अपराध और पशु तस्करी से जुड़ी पाई गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर इसकी जब्ती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पशु तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुढ़ाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने तीन शातिर पशु तस्करों की तस्करी से अर्जित की गई करीब 90 करोड़ रुपये की अवैध चल-अचल संपत्ति की पहचान कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह संपत्ति लंबे समय से अवैध धंधों के जरिए खड़ी की गई थी, जिसे अब कानून के दायरे में लाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत इन तस्करों की आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच कराई। जांच में संपत्ति के स्रोतों, लेन-देन और निवेश का बारीकी से सत्यापन किया गया। जांच पूरी होने के बाद संपत्ति जब्ती से संबंधित रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है, जिस पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की ओर से शीघ्र कार्रवाई की संभावना है।
पुलिस ने पशु तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क पर सख्ती दिखाते हुए कुल 23 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें कई ऐसे आरोपी शामिल हैं, जो पूर्व में जेल जा चुके हैं और रिहा होने के बाद दोबारा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से कानून को चुनौती देता आ रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चिन्हित तस्करों में से एक आरोपी लगभग एक वर्ष तक जेल में बंद रहने के बाद बाहर आया और पुनः पशु तस्करी के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने उसकी आय, संपत्ति और बैंक लेन-देन की गहराई से पड़ताल की, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध कमाई के प्रमाण मिले।
पुलिस द्वारा चिन्हित की गई संपत्तियों की सूची में कीमती आवासीय अचल संपत्ति, कृषि भूमि, प्लॉट, महंगे वाहन, बैंक खातों में जमा धनराशि और अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इन सभी संपत्तियों को पशु तस्करी से हुई अवैध कमाई से जोड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद पशु तस्करी से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध से अर्जित किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी संजय वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में पशु तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में और भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके और जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

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